{"_id":"16062","slug":"Hapur-16062-112","type":"story","status":"publish","title_hn":"यात्री के जख्मों पर सीएचसी ने लगाया ‘नमक’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यात्री के जख्मों पर सीएचसी ने लगाया ‘नमक’
Hapur
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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ट्रेन से िगरकर हुआ था घायल
जिम्मेदारी से बचने को कर दिया गाजियाबाद रेफर
न एंबुलेंस मिली और न चिकित्साकर्मी
हापुड़। अवध-आसाम एक्सप्रेस से शाहजहांपुर जा रहा व्यक्ति हापुड़ में चलती ट्रेन से गिर गया, उसके बाद सीएचसी ने जो किया, वह शर्मनाक है। जिम्मेदारी से बचने को उसे गाजियाबाद रेफर कर दिया गया। गंभीर चोटें होने के बाद भी उसे न तो एंबुलेंस मुहैया कराई गई और न ही उसके साथ कोई चिकित्साकर्मी भेजा गया। मजबूरन घायल के साथ सिपाहियों ने खुद ही ग्लूकोज की बोतल थामी और उसे ऑटो में बिठा कर गाजियाबाद के अस्पताल ले गए।
पुलिस के मुताबिक ढकौसी, कुआना शाहजहांपुर का रहने वाला प्रेमपाल पुत्र मुरली रोहतक में एक ढाबे पर काम करता है। वह सोमवार को गांव जाने के लिए अवध-आसाम एक्सप्रेस में सवार हुआ। वह ट्रेन के पायदान पर खड़ा था। हापुड़ के पास अचानक पांव फिसलने से ट्रैक पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सीएचसी पहुंचाया। चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस की मांग की तो बताया गया कि साथ जाने के लिए एंबुलेंस और कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।
चिकित्सक ने पुलिसकर्मियों को रेफर लेटर थमाया और प्रेमपाल को गाजियाबाद ले जाने को कहा। आखिरकार घायल का कष्ट देखते हुए सिपाही ने खुद ही ग्लूकोज की बोतल थामी और उसे ऑटो में बिठा कर गाजियाबाद जिला अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान प्रेमपाल दर्द से बिलबिलाता रहा लेकिन सिवाय सांत्वना के उसे कोई राहत नहीं मिली।
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एंबुलेंस गाजियाबाद दवा लेने गई थी और सीएचसी में इतने चिकित्सक या चिकित्साकर्मी नहीं हैं किसी रेफर होने की स्थिति में मरीज के साथ भेजे जा सकें। -डा.संजीव मांगलिक,सीएचसी प्रभारी
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जिम्मेदारी से बचने को कर दिया गाजियाबाद रेफर
न एंबुलेंस मिली और न चिकित्साकर्मी
हापुड़। अवध-आसाम एक्सप्रेस से शाहजहांपुर जा रहा व्यक्ति हापुड़ में चलती ट्रेन से गिर गया, उसके बाद सीएचसी ने जो किया, वह शर्मनाक है। जिम्मेदारी से बचने को उसे गाजियाबाद रेफर कर दिया गया। गंभीर चोटें होने के बाद भी उसे न तो एंबुलेंस मुहैया कराई गई और न ही उसके साथ कोई चिकित्साकर्मी भेजा गया। मजबूरन घायल के साथ सिपाहियों ने खुद ही ग्लूकोज की बोतल थामी और उसे ऑटो में बिठा कर गाजियाबाद के अस्पताल ले गए।
पुलिस के मुताबिक ढकौसी, कुआना शाहजहांपुर का रहने वाला प्रेमपाल पुत्र मुरली रोहतक में एक ढाबे पर काम करता है। वह सोमवार को गांव जाने के लिए अवध-आसाम एक्सप्रेस में सवार हुआ। वह ट्रेन के पायदान पर खड़ा था। हापुड़ के पास अचानक पांव फिसलने से ट्रैक पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सीएचसी पहुंचाया। चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे गाजियाबाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस की मांग की तो बताया गया कि साथ जाने के लिए एंबुलेंस और कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं।
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चिकित्सक ने पुलिसकर्मियों को रेफर लेटर थमाया और प्रेमपाल को गाजियाबाद ले जाने को कहा। आखिरकार घायल का कष्ट देखते हुए सिपाही ने खुद ही ग्लूकोज की बोतल थामी और उसे ऑटो में बिठा कर गाजियाबाद जिला अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान प्रेमपाल दर्द से बिलबिलाता रहा लेकिन सिवाय सांत्वना के उसे कोई राहत नहीं मिली।
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एंबुलेंस गाजियाबाद दवा लेने गई थी और सीएचसी में इतने चिकित्सक या चिकित्साकर्मी नहीं हैं किसी रेफर होने की स्थिति में मरीज के साथ भेजे जा सकें। -डा.संजीव मांगलिक,सीएचसी प्रभारी