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कूड़ा या फसल का अवशेष जलाने पर होगी कार्रवाई
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:51 AM IST
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कूड़ा या फसल अवशेष जलाया तो होगी कार्रवाई
हापुड़। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिले में भी अधिकारी सर्तक हो गए हैं।
कूड़ा या फसल अवशेष जलाने पर प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। डीएम अदिति सिंह ने इस संबंध में पुलिस, प्रशासनिक और पालिका अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने फसल अवशेष जलाने से संबंधित प्रावधानों को पूरी शक्ति के साथ क्रियान्वित किये जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बावजूद शहर और देहात में कूड़े और फसलों के अवशेष जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
परिणामस्वरूप एक बार फिर क्षेत्र में स्मॉग फैलने की स्थिति पैदा हो गयी है। प्रदूषण का स्तर भी शहर में तीन गुना अधिक है। पिछले चार दिनों में आसमान में स्मॉग की चादर फैली हुई है, जिससे हवा में प्रदूषण की मात्रा भी अधिक हो गई है। एडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में सचल दस्ता गठित किया जायेगा जो कि इस पर निरन्तर अपनी पैनी नजर बनायें रखेगा और यदि कोई घटना संज्ञान में आती है तो नियमानुसार उस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर उसकी सूचना देगा।
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बता दें कि तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारियों के पर्यवेक्षण में पुलिस क्षेत्रधिकारी, तहसीलदार एवं कृषि विभाग के एक अधिकारी को सचल दस्ते में नामित किया जायेगा जो निरंतर भ्रमण शील रहकर फसल जलाने की घटनाओं की रोकथाम करेगा।
एडीएम ने बताया कि ग्रामीण स्तर से सूचनाएं प्राप्त करने के लिए ग्राम प्रधानों, लेखपालों, ग्राम विकास एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों की मदद ली जाएगी।
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हापुड़। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिले में भी अधिकारी सर्तक हो गए हैं।
कूड़ा या फसल अवशेष जलाने पर प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। डीएम अदिति सिंह ने इस संबंध में पुलिस, प्रशासनिक और पालिका अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने फसल अवशेष जलाने से संबंधित प्रावधानों को पूरी शक्ति के साथ क्रियान्वित किये जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बावजूद शहर और देहात में कूड़े और फसलों के अवशेष जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
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परिणामस्वरूप एक बार फिर क्षेत्र में स्मॉग फैलने की स्थिति पैदा हो गयी है। प्रदूषण का स्तर भी शहर में तीन गुना अधिक है। पिछले चार दिनों में आसमान में स्मॉग की चादर फैली हुई है, जिससे हवा में प्रदूषण की मात्रा भी अधिक हो गई है। एडीएम जयनाथ यादव ने बताया कि फसल अवशेष को जलाने से रोकने के लिए तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में सचल दस्ता गठित किया जायेगा जो कि इस पर निरन्तर अपनी पैनी नजर बनायें रखेगा और यदि कोई घटना संज्ञान में आती है तो नियमानुसार उस पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर उसकी सूचना देगा।
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बता दें कि तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारियों के पर्यवेक्षण में पुलिस क्षेत्रधिकारी, तहसीलदार एवं कृषि विभाग के एक अधिकारी को सचल दस्ते में नामित किया जायेगा जो निरंतर भ्रमण शील रहकर फसल जलाने की घटनाओं की रोकथाम करेगा।
एडीएम ने बताया कि ग्रामीण स्तर से सूचनाएं प्राप्त करने के लिए ग्राम प्रधानों, लेखपालों, ग्राम विकास एवं कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों की मदद ली जाएगी।