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परंपरागत ढंग से मनाया गया गोवर्धन पर्व
Updated Thu, 08 Nov 2018 11:49 PM IST
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परंपरागत ढंग से मनाया गया गोवर्धन
- मंदिरों में कढ़ी-चावल का भोग लगा, अन्नकूट का किया गया वितरण
- घरों में शाम के समय की गई गोवर्धन की पूजा अर्चना
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। गोवर्धन का त्योहार बृहस्पतिवार को शहर में परंपरागत ढंग से मनाया गया। सुबह के समय नगर के विभिन्न मंदिरों में अन्नकूट का वितरण किया गया। प्रसाद लेने के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं शाम के समय घरों में विधि विधान से पूजन किया गया।
बृहस्पतिवार सुबह गोवर्धन पर्व पर प्राचीन चंडी मंदिर, बुंलदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर, रेलवे रोड स्थित देवी मंदिर, चंडी मंदिर रोड स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, नई शिवपुरी स्थित हरमिलाप वैष्णो देवी मंदिर, माहेश्वरी मंदिर, नई शिवपुरी स्थित शीतला माता मंदिर, गढ़ रोड स्थित हनुमान मंदिर, पक्का बाग स्थित श्री पंचायती गौशाला समेत अनेक मंदिरों में अन्नकूट प्रसाद का वितरण किया गया।
भगवान श्री बांके बिहारी गोवर्धन महाराज को अन्नकूट प्रसाद का भोग लगाने के पश्चात श्रद्धालुओं में अन्नकूट का वितरण शुरू किया गया। श्रद्धालु लाइन में लगाकर दक्षिणा देकर अन्नकूट प्रसाद को मंदिरों से प्राप्त कर रहे थे। अन्नकूट प्रसाद को दक्षिणा देकर प्राप्त करने का प्रावधान है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देवता का घमंड तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। पूजन के दौरान भगवान को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का भोग लगाया गया था, जिसे अन्नकूट प्रसाद कहा जाता है। इसलिए गोवर्धन के दिन मंदिरों में अन्नकूट प्रसाद का वितरण किया जाता है। इस दिन श्रद्धालु गाय के गोबर के द्वारा गिरीराज भगवान की प्रतिमा बनाकर गन्ना, मूली, साग, सिंघाड़े चढ़ाकर पूजा करते हैं, ताकि अन्न और धन की वृद्धि हो सके।
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परंपरागत ढंग से मनाया गया गोवर्धन
- मंदिरों में कढ़ी-चावल का भोग लगा, अन्नकूट का किया गया वितरण
- घरों में शाम के समय की गई गोवर्धन की पूजा अर्चना
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। गोवर्धन का त्योहार बृहस्पतिवार को शहर में परंपरागत ढंग से मनाया गया। सुबह के समय नगर के विभिन्न मंदिरों में अन्नकूट का वितरण किया गया। प्रसाद लेने के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। वहीं शाम के समय घरों में विधि विधान से पूजन किया गया।
बृहस्पतिवार सुबह गोवर्धन पर्व पर प्राचीन चंडी मंदिर, बुंलदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर, रेलवे रोड स्थित देवी मंदिर, चंडी मंदिर रोड स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, नई शिवपुरी स्थित हरमिलाप वैष्णो देवी मंदिर, माहेश्वरी मंदिर, नई शिवपुरी स्थित शीतला माता मंदिर, गढ़ रोड स्थित हनुमान मंदिर, पक्का बाग स्थित श्री पंचायती गौशाला समेत अनेक मंदिरों में अन्नकूट प्रसाद का वितरण किया गया।
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भगवान श्री बांके बिहारी गोवर्धन महाराज को अन्नकूट प्रसाद का भोग लगाने के पश्चात श्रद्धालुओं में अन्नकूट का वितरण शुरू किया गया। श्रद्धालु लाइन में लगाकर दक्षिणा देकर अन्नकूट प्रसाद को मंदिरों से प्राप्त कर रहे थे। अन्नकूट प्रसाद को दक्षिणा देकर प्राप्त करने का प्रावधान है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र देवता का घमंड तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत की पूजा की थी। पूजन के दौरान भगवान को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का भोग लगाया गया था, जिसे अन्नकूट प्रसाद कहा जाता है। इसलिए गोवर्धन के दिन मंदिरों में अन्नकूट प्रसाद का वितरण किया जाता है। इस दिन श्रद्धालु गाय के गोबर के द्वारा गिरीराज भगवान की प्रतिमा बनाकर गन्ना, मूली, साग, सिंघाड़े चढ़ाकर पूजा करते हैं, ताकि अन्न और धन की वृद्धि हो सके।