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गांव काठीखेड़ा के 57 किसान रह गये ऋण माफी योजना से वंचितण्ण्
Updated Sun, 08 Oct 2017 11:40 PM IST
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ऋण माफी की सूची में ‘खेल’, 57 पात्र किसान फेल
हापुड़। काठीखेड़ा गांव के 57 किसान बैंक अफसरों की अनदेखी से फसली ऋण विमोचन योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। दरअसल, बैंक की ओर से शासन को भेजी गई सूची में सिर्फ 1.2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को रखा गया है। जबकि शासनादेशासनुसार दो हेक्टेयर जमीन वाले किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। अब स्थानीय अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने राहत न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
काठीखेड़ा के ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसानों ने मीरपुर स्थित सर्व ग्रामीण यूपी बैंक से फसली ऋण लिया था। शासन ने दो हेक्टेयर के काश्तकारों तक का एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने का आदेश दिया था। जिले के करीब 44 हजार किसानों का ऋण भी माफ हुआ है।
उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों ने उनके गांव से सिर्फ 1.2 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों की सूची ही शासन को भेजी है। दो हेक्टेयर तक के ऐसे करीब 57 किसान बैंक अफसरों की इस लापरवाही के कारण इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं। अब बैंक अफसरों से शिकायत करने पर वह कृषि विभाग के पास टरका दे रहे हैं। कृषि अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने चेतावनी दी है कि जल्द उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो वह आत्मदाह करेंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी। जिला कृषि शिवकुमार का कहना है कि बैंक के स्तर से यह लापरवाही हुई है। ऐसे किसानों की सूची को बैंक कर्मियों ने जोनल अधिकारियों को भेजा जाना चाहिए। वहां से प्रदेश स्तर के अधिकारियों पर सूची जाएगी, वहीं से शासन की पात्रता सूची में किसानों को शामिल किया जाएगा। वह अपने स्तर से शासन से आयी सूची में कोई परिवर्तन नहीं कर सकते हैं।
एलडीएम राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि किसान संबंधित बैंक व जिला कृषि अधिकारी को रजिस्ट्रड शिकायत कर सकते हैं। यदि वह किसान पात्र हैं तो उन्हें योजना का लाभ अवश्य दिलाया जाएगा।
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हापुड़। काठीखेड़ा गांव के 57 किसान बैंक अफसरों की अनदेखी से फसली ऋण विमोचन योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। दरअसल, बैंक की ओर से शासन को भेजी गई सूची में सिर्फ 1.2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को रखा गया है। जबकि शासनादेशासनुसार दो हेक्टेयर जमीन वाले किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। अब स्थानीय अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने राहत न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
काठीखेड़ा के ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसानों ने मीरपुर स्थित सर्व ग्रामीण यूपी बैंक से फसली ऋण लिया था। शासन ने दो हेक्टेयर के काश्तकारों तक का एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने का आदेश दिया था। जिले के करीब 44 हजार किसानों का ऋण भी माफ हुआ है।
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उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों ने उनके गांव से सिर्फ 1.2 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों की सूची ही शासन को भेजी है। दो हेक्टेयर तक के ऐसे करीब 57 किसान बैंक अफसरों की इस लापरवाही के कारण इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं। अब बैंक अफसरों से शिकायत करने पर वह कृषि विभाग के पास टरका दे रहे हैं। कृषि अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने चेतावनी दी है कि जल्द उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो वह आत्मदाह करेंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी। जिला कृषि शिवकुमार का कहना है कि बैंक के स्तर से यह लापरवाही हुई है। ऐसे किसानों की सूची को बैंक कर्मियों ने जोनल अधिकारियों को भेजा जाना चाहिए। वहां से प्रदेश स्तर के अधिकारियों पर सूची जाएगी, वहीं से शासन की पात्रता सूची में किसानों को शामिल किया जाएगा। वह अपने स्तर से शासन से आयी सूची में कोई परिवर्तन नहीं कर सकते हैं।
एलडीएम राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि किसान संबंधित बैंक व जिला कृषि अधिकारी को रजिस्ट्रड शिकायत कर सकते हैं। यदि वह किसान पात्र हैं तो उन्हें योजना का लाभ अवश्य दिलाया जाएगा।