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अब कालेजों में नहीं होगी छात्रों के साथ रैगिंग
Updated Mon, 03 Jul 2017 01:15 AM IST
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अब मोबाइल एप पर होगी रैगिंग की शिकायत
नया शैक्षिक सत्र में जल्द ही एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इस बार किसी जूनियर छात्र से रैगिंग की गई तो उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एंटी रैगिंग मोबाइल एप लांच किया है। जिस पर शिकायत करते ही तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
कालेज में अक्सर रैगिंग की शिकायतें आती रहती हैं। इसे रोकने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मोबाइल एप तैयार किया है। इस एप को एंड्रायड फोन यूजर डाउनलोड कर सकते हैं।
एप के जरिए रैगिंग पीड़ित कोई भी छात्र/छात्रा सीधे अपनी शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास कर सकेगा।
शिकायत दर्ज होते ही मंत्रालय संबंधित कॉलेज या अधिकारी को सूचना देकर पीड़ित को जल्द मदद दिलाएगा।
शिकायत दर्ज, कार्रवाई शुरू
यूजीसी द्वारा तैयार किए गए एप में छात्र आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। एप डाउनलोड करने पर मोबाइल स्क्रीन पर तीन विकल्प आएंगे।
इसमें ऑनलाइन एंटी रैगिंग कम्पलेंट पर क्लिक करते ही एक फार्म दिखाई देखा। इसमें सबसे पहले शिकायत कर्ता का नाम, इसके बाद पीड़ित का नाम, ईमेल आइडी, मोबाइल नंबर,
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कॉलेज का नाम और घर का पता भी दर्ज कराना होगा। अंत में रैगिंग का विवरण देना होगा। अगर फोटो या वीडियो है तो अपलोड कर सकते हैं। समिट करते ही शिकायत एचआरडी मंत्रालय तक पहुंच जाएगी।
एप को जारी करने के पीछे मंशा छात्रों को मदद पहुंचाना है। माना जाता है कि शिक्षण संस्थान में रैगिंग के मामलों को दबाने का प्रयास किया जाता है।
सजा का है प्रावधान
जांच में रैगिंग की पुष्टि होने पर दोषी को संस्थान या छात्रावास से निलंबित किया जा सकता है। उसे मिलने वाली छात्रवृत्ति की सुविधा रोकी जा सकती है। परीक्षा में बैठने से रोक सकते हैं।
25 हजार से लेकर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगा सकते हैं। दूसरे संस्थान में प्रवेश पर भी रोक लगाई जा सकती है।
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नया शैक्षिक सत्र में जल्द ही एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इस बार किसी जूनियर छात्र से रैगिंग की गई तो उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एंटी रैगिंग मोबाइल एप लांच किया है। जिस पर शिकायत करते ही तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
कालेज में अक्सर रैगिंग की शिकायतें आती रहती हैं। इसे रोकने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मोबाइल एप तैयार किया है। इस एप को एंड्रायड फोन यूजर डाउनलोड कर सकते हैं।
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एप के जरिए रैगिंग पीड़ित कोई भी छात्र/छात्रा सीधे अपनी शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास कर सकेगा।
शिकायत दर्ज होते ही मंत्रालय संबंधित कॉलेज या अधिकारी को सूचना देकर पीड़ित को जल्द मदद दिलाएगा।
शिकायत दर्ज, कार्रवाई शुरू
यूजीसी द्वारा तैयार किए गए एप में छात्र आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। एप डाउनलोड करने पर मोबाइल स्क्रीन पर तीन विकल्प आएंगे।
इसमें ऑनलाइन एंटी रैगिंग कम्पलेंट पर क्लिक करते ही एक फार्म दिखाई देखा। इसमें सबसे पहले शिकायत कर्ता का नाम, इसके बाद पीड़ित का नाम, ईमेल आइडी, मोबाइल नंबर,
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कॉलेज का नाम और घर का पता भी दर्ज कराना होगा। अंत में रैगिंग का विवरण देना होगा। अगर फोटो या वीडियो है तो अपलोड कर सकते हैं। समिट करते ही शिकायत एचआरडी मंत्रालय तक पहुंच जाएगी।
एप को जारी करने के पीछे मंशा छात्रों को मदद पहुंचाना है। माना जाता है कि शिक्षण संस्थान में रैगिंग के मामलों को दबाने का प्रयास किया जाता है।
सजा का है प्रावधान
जांच में रैगिंग की पुष्टि होने पर दोषी को संस्थान या छात्रावास से निलंबित किया जा सकता है। उसे मिलने वाली छात्रवृत्ति की सुविधा रोकी जा सकती है। परीक्षा में बैठने से रोक सकते हैं।
25 हजार से लेकर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगा सकते हैं। दूसरे संस्थान में प्रवेश पर भी रोक लगाई जा सकती है।