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सीवर लाइन डलने के बाद जर्जर सड़क ठीक नहीं हो रहीं
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सीवर लाइन डलने के बाद जर्जर सड़क ठीक नहीं हो रही
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ के मोहल्ला उपाध्याय नगर और राजीव नगर समेत कई वार्डों में सीवर लाइन बिछाने के बाद भी तोड़ी गईं सड़कों को ठीक नहीं किया जा सका है। जिससे आवागमन में दिक्कत झेलने के साथ ही नगर वासियों को हादसों का शिकार भी होना पड़ रहा है।
रात का अंधेरा तो दूर बल्कि दिन के उजाले में भी महिला, बुजुर्ग और बच्चे जर्जर सड़कों के गड्ढों में गिरने से घायल होते आ रहे हैं। इसके अलावा सड़कों के बीच में बनाए गए सीवर लाइन के कई मेनहोल के ढक्कन टूट गए हैं या गायब होने से भी हादसे का खतरा मंडरा रहा है। कुल मिलाकर घरेलू कनेक्शनों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम पूरा न होने से गंगा में गिरने वाले आबादी के दूषित पानी पर पूरी तरह रोक की मंशा भी फिलहाल परवान नहीं चढ़ पा रही है। इसके अलावा गंगा भक्तों को भी जर्जर सड़कों पर आवागमन करने में खूब दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
क्या कहते हैं स्थानीय नागरिक
व्यापारी मुकेश मेंहदीरत्ता का कहना है कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई सड़कों को ठीक न कराया जाना जनहित की खुली अनदेखी है, जिससे आवागमन में दिक्कत के साथ ही हादसे भी हो रहे हैं।
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राहुल चौहान का कहना है कि कई जगहों पर सीवर लाइन के टूटे मैनहोल हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं, जिनमें गिरने से महिला बच्चों समेत कई बुजुर्ग घायल तक हो चुके हैं।
नरेश त्यागी का कहना है कि सीवर लाइन बिछाने को तोड़ी गईं जिन सड़कों की मरम्मत हो चुकी है उनमें भी घटिया किस्म की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कुछ ही दिनों में सड़क टूटने लगी हैं।
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी ने बताया कि जल निगम के अफसरों से वार्ता कर जर्जर सड़कों की बहुत जल्द मरम्मत कराने के साथ ही मैनहोल से गायब ढक्कन भी रखवाए जाएंगे।
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गढ़मुक्तेश्वर। गढ़ के मोहल्ला उपाध्याय नगर और राजीव नगर समेत कई वार्डों में सीवर लाइन बिछाने के बाद भी तोड़ी गईं सड़कों को ठीक नहीं किया जा सका है। जिससे आवागमन में दिक्कत झेलने के साथ ही नगर वासियों को हादसों का शिकार भी होना पड़ रहा है।
रात का अंधेरा तो दूर बल्कि दिन के उजाले में भी महिला, बुजुर्ग और बच्चे जर्जर सड़कों के गड्ढों में गिरने से घायल होते आ रहे हैं। इसके अलावा सड़कों के बीच में बनाए गए सीवर लाइन के कई मेनहोल के ढक्कन टूट गए हैं या गायब होने से भी हादसे का खतरा मंडरा रहा है। कुल मिलाकर घरेलू कनेक्शनों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम पूरा न होने से गंगा में गिरने वाले आबादी के दूषित पानी पर पूरी तरह रोक की मंशा भी फिलहाल परवान नहीं चढ़ पा रही है। इसके अलावा गंगा भक्तों को भी जर्जर सड़कों पर आवागमन करने में खूब दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
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क्या कहते हैं स्थानीय नागरिक
व्यापारी मुकेश मेंहदीरत्ता का कहना है कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई सड़कों को ठीक न कराया जाना जनहित की खुली अनदेखी है, जिससे आवागमन में दिक्कत के साथ ही हादसे भी हो रहे हैं।
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राहुल चौहान का कहना है कि कई जगहों पर सीवर लाइन के टूटे मैनहोल हादसों को खुला न्योता दे रहे हैं, जिनमें गिरने से महिला बच्चों समेत कई बुजुर्ग घायल तक हो चुके हैं।
नरेश त्यागी का कहना है कि सीवर लाइन बिछाने को तोड़ी गईं जिन सड़कों की मरम्मत हो चुकी है उनमें भी घटिया किस्म की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कुछ ही दिनों में सड़क टूटने लगी हैं।
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी ने बताया कि जल निगम के अफसरों से वार्ता कर जर्जर सड़कों की बहुत जल्द मरम्मत कराने के साथ ही मैनहोल से गायब ढक्कन भी रखवाए जाएंगे।