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गन्ना खेत में खड़ा रहने तक चलेगी चीनी मिलें: आयुक्त
Updated Fri, 20 Apr 2018 12:10 AM IST
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गन्ना खेत में खड़ा रहने तक चलेंगी चीनी मिलें : आयुक्त
हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। लखनऊ से आए संयुक्त गन्ना आयुक्त डा. बीबी सिंह ने बृहस्पतिवार को हापुड़ जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कहा कि जब तक खेतों में गन्ना खड़ा है, कोई भी चीनी मिल बंद नहीं होगी। अगर कोई चीनी मिल खड़ा गन्ना छोड़कर मिल बंद करती है तो उसे खड़े गन्ने का मूल्य जुर्माने के रूप में देना होगा।
इस दौरान संयुक्त गन्ना आयुक्त ने जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय में समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं चीनी मिल प्रबंधन के साथ बैठक के दौरान निर्देश दिए कि सभी अधिकारी किसानों के संपर्क में रहे और गन्ना समाप्त होने तक इस पर कड़ी निगरानी रखे। इसके बाद ग्राम उपैड़ा स्थित प्रगतिशील कृषक ब्रजपाल सिंह त्यागी के ड्रिप इरीगेशन प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कृषक से दो पंक्तियों की दूरी पांच फिट करने की सलाह दी। जिससे ड्रिप इरीगेशन में लागत कम आएगी तथा उपज बढ़ेगी। इसके बाद उन्होंने बनखंडा स्थित पुराने गोदाम के पुन: निर्माण का भी आदेश दिया।
इस दौरान मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी डा. नमिता कश्यप, बीज उत्पादन अधिकारी ओम प्रकाश सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक भी मौजूद रहे।
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ज्वाइंट केन कमिश्नर की इस घोषणा का भाकियू नेता दिनेश खेड़ा, शब्बू चौधरी, प्रधान अय्यूब, बबली त्यागी, दिनेश त्यागी समेत क्षेत्रीय किसानों ने स्वागत किया है। सिंभावली गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ का कहना है कि ज्वाइंट केन कमिश्नर ने साफ तौर पर घोषणा की है कि खेतों में गन्ना बाकी रहने तक शुगर मिलों का पेराई सत्र बंद नहीं हो पाएगा। अगर किसी मिल ने मनमानी की तो फिर खेतों में खड़े गन्ने की कीमत के रूप में हर्जाना वसूलकर उससे किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।
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हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर। लखनऊ से आए संयुक्त गन्ना आयुक्त डा. बीबी सिंह ने बृहस्पतिवार को हापुड़ जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से उनकी समस्याओं को जाना। उन्होंने कहा कि जब तक खेतों में गन्ना खड़ा है, कोई भी चीनी मिल बंद नहीं होगी। अगर कोई चीनी मिल खड़ा गन्ना छोड़कर मिल बंद करती है तो उसे खड़े गन्ने का मूल्य जुर्माने के रूप में देना होगा।
इस दौरान संयुक्त गन्ना आयुक्त ने जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय में समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं चीनी मिल प्रबंधन के साथ बैठक के दौरान निर्देश दिए कि सभी अधिकारी किसानों के संपर्क में रहे और गन्ना समाप्त होने तक इस पर कड़ी निगरानी रखे। इसके बाद ग्राम उपैड़ा स्थित प्रगतिशील कृषक ब्रजपाल सिंह त्यागी के ड्रिप इरीगेशन प्लांट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कृषक से दो पंक्तियों की दूरी पांच फिट करने की सलाह दी। जिससे ड्रिप इरीगेशन में लागत कम आएगी तथा उपज बढ़ेगी। इसके बाद उन्होंने बनखंडा स्थित पुराने गोदाम के पुन: निर्माण का भी आदेश दिया।
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इस दौरान मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी डा. नमिता कश्यप, बीज उत्पादन अधिकारी ओम प्रकाश सिंह, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक भी मौजूद रहे।
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ज्वाइंट केन कमिश्नर की इस घोषणा का भाकियू नेता दिनेश खेड़ा, शब्बू चौधरी, प्रधान अय्यूब, बबली त्यागी, दिनेश त्यागी समेत क्षेत्रीय किसानों ने स्वागत किया है। सिंभावली गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ का कहना है कि ज्वाइंट केन कमिश्नर ने साफ तौर पर घोषणा की है कि खेतों में गन्ना बाकी रहने तक शुगर मिलों का पेराई सत्र बंद नहीं हो पाएगा। अगर किसी मिल ने मनमानी की तो फिर खेतों में खड़े गन्ने की कीमत के रूप में हर्जाना वसूलकर उससे किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।