{"_id":"5967bed44f1c1b21268b4637","slug":"71499971284-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान! ऋण माफी के दायरे में आए 45 हजार किसानों पर दलालों की नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान! ऋण माफी के दायरे में आए 45 हजार किसानों पर दलालों की नजर
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दलालों से सावधान! ऋण माफी एक लाख ही
किसानों पर योगी सरकार की दरियादिली का दलाल फायदा उठाने में जी जान से जुट गए हैं। दरअसल, एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने की घोषणा से पात्रता की श्रेणी में आए जिले के 45,219 किसानों पर दलालों ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।
महज 25 हजार रुपये सुविधा शुल्क देने पर दो लाख रुपये तक का ऋण माफ कराने का झांसा दिया जा रहा है। हालांकि, बैंक प्रबंधकों का कहना है कि इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। किसान दलालों के झांसे में न आएं।
मुख्यमंत्री की घोषणानुसार जिले के 45,219 किसानों पर मौजूद करीब 200 करोड़ रुपये का फसली ऋण माफ किया जाना है। इसका फायदा उठाकर देहात अंचल में खुद को बैंक का कर्मचारी बता बड़ी संख्या में दलाल सक्रिय हो गए हैं।
विज्ञापन
दलाल ग्रामीणों से संपर्क बनाने में जुट गए हैं। 25 हजार रुपये सुविधा शुल्क के बदले किसानों का दो लाख रुपये तक का ऋण माफ कराने का झांसा दे रहे हैं। ऐसे में किसान जागरूक नहीं हुए तो उन्हें लेने के देने पड़ जाएंगे।
पहले गांव के प्रभावशाली व्यक्ति को प्रभाव में ले रहे दलाल एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उक्त दलाल गांव के प्रभावशाली व्यक्ति को भरोसे में लेते हैं।
वहीं व्यक्ति अन्य किसानों से दलालों का संपर्क बनवाता है, जिसे काफी पैसों का लालच भी दिया जाता है।
पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक वीके पाठक का कहना है कि उनकी शाखा में इस तरह की जानकारी करने किसान पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि किसान सावधान रहें, किसी दलाल के चुंगल में न फंसे।
सरकार की घोषणानुसार ही ऋण माफ होगा। कोई भी बैंक किसानों से पैसा लेकर उनका दोगुना ऋण माफ नहीं कर सकता है।
विज्ञापन
किसानों पर योगी सरकार की दरियादिली का दलाल फायदा उठाने में जी जान से जुट गए हैं। दरअसल, एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने की घोषणा से पात्रता की श्रेणी में आए जिले के 45,219 किसानों पर दलालों ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।
महज 25 हजार रुपये सुविधा शुल्क देने पर दो लाख रुपये तक का ऋण माफ कराने का झांसा दिया जा रहा है। हालांकि, बैंक प्रबंधकों का कहना है कि इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। किसान दलालों के झांसे में न आएं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की घोषणानुसार जिले के 45,219 किसानों पर मौजूद करीब 200 करोड़ रुपये का फसली ऋण माफ किया जाना है। इसका फायदा उठाकर देहात अंचल में खुद को बैंक का कर्मचारी बता बड़ी संख्या में दलाल सक्रिय हो गए हैं।
विज्ञापन
दलाल ग्रामीणों से संपर्क बनाने में जुट गए हैं। 25 हजार रुपये सुविधा शुल्क के बदले किसानों का दो लाख रुपये तक का ऋण माफ कराने का झांसा दे रहे हैं। ऐसे में किसान जागरूक नहीं हुए तो उन्हें लेने के देने पड़ जाएंगे।
पहले गांव के प्रभावशाली व्यक्ति को प्रभाव में ले रहे दलाल एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उक्त दलाल गांव के प्रभावशाली व्यक्ति को भरोसे में लेते हैं।
वहीं व्यक्ति अन्य किसानों से दलालों का संपर्क बनवाता है, जिसे काफी पैसों का लालच भी दिया जाता है।
पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधक वीके पाठक का कहना है कि उनकी शाखा में इस तरह की जानकारी करने किसान पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि किसान सावधान रहें, किसी दलाल के चुंगल में न फंसे।
सरकार की घोषणानुसार ही ऋण माफ होगा। कोई भी बैंक किसानों से पैसा लेकर उनका दोगुना ऋण माफ नहीं कर सकता है।