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भाजपा की बजाए सपा या बसपा की सरकार होती तो भी रजनीलता की विदाई तय थी
Updated Mon, 21 Aug 2017 11:52 PM IST
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पहले से तय थी रजनीलता की विदाई
- ताजपोशी के दौरान सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा था
- सियासी आका सतपाल पार्टियों की किरकिरे बने हुए थे
इमरान अली
गढ़मुक्तेश्वर। भाजपा की बजाए सपा या बसपा की भी सरकार होती तो भी रजनीलता की विदाई तय थी। इसका कारण था कि जिला पंचायत की कुर्सी पर ताजपोशी के बाद से सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगने से सियासी आका सतपाल भी बाकी पार्टियाें की किरकिरे बने हुए थे।
जिला पंचायत हापुड़ के चेयरपर्सन पद का चुनाव अखिलेश शासन में हुआ था। सपा समर्थित रजनीलता खटीक ने कांटे के मुकाबले में अमृता कुमार को महज एक वोट से पराजित किया था। उस समय विजेता खेमे के सियासी रणनीतिकार रहे सतपाल यादव पर सत्ता का दुरुपयोग कराने के आरोप भी लगाए गए थे। बाद में सतपाल यादव सपा से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में गढ़ विधानसभा सीट से ताल ठोक दिया था। इसके बाद सपा हाईकमान ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। सपा समर्थित हाजी कामिल खां और तेजपाल प्रमुख भी भाजपा खेमे के सुर में सुर मिलाते आ रहे थे। इस लिहाज से अगर भाजपा की बजाए सपा या बसपा की सरकार आती तो भी जिला पंचायत चेयर पर्सन रजनीलता खटीक की कुर्सी जानी तय थी।
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- ताजपोशी के दौरान सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा था
- सियासी आका सतपाल पार्टियों की किरकिरे बने हुए थे
इमरान अली
गढ़मुक्तेश्वर। भाजपा की बजाए सपा या बसपा की भी सरकार होती तो भी रजनीलता की विदाई तय थी। इसका कारण था कि जिला पंचायत की कुर्सी पर ताजपोशी के बाद से सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगने से सियासी आका सतपाल भी बाकी पार्टियाें की किरकिरे बने हुए थे।
जिला पंचायत हापुड़ के चेयरपर्सन पद का चुनाव अखिलेश शासन में हुआ था। सपा समर्थित रजनीलता खटीक ने कांटे के मुकाबले में अमृता कुमार को महज एक वोट से पराजित किया था। उस समय विजेता खेमे के सियासी रणनीतिकार रहे सतपाल यादव पर सत्ता का दुरुपयोग कराने के आरोप भी लगाए गए थे। बाद में सतपाल यादव सपा से टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में गढ़ विधानसभा सीट से ताल ठोक दिया था। इसके बाद सपा हाईकमान ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। सपा समर्थित हाजी कामिल खां और तेजपाल प्रमुख भी भाजपा खेमे के सुर में सुर मिलाते आ रहे थे। इस लिहाज से अगर भाजपा की बजाए सपा या बसपा की सरकार आती तो भी जिला पंचायत चेयर पर्सन रजनीलता खटीक की कुर्सी जानी तय थी।
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