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किसान गोष्ठी में गेहूं का उत्पादन बढ़ाने के सुझाव दिए
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किसान गोष्ठी में गेहूं का उत्पादन बढ़ाने के सुझाव दिए
गढ़मुक्तेश्वर। गांव बिहूनी में आयोजित गोष्ठी में कृषि अधिकारी ने किसानों को गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ाने के सुझाव दिए।
गढ़ क्षेत्र के गांव बिहूनी में कृषि विभाग के तत्वाधान में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विभाग के प्राविधिक सहायक सतीश चंद शर्मा ने बताया कि इस समय गेहूं की अधिकांश फसल में बालियां निकल रही हैं। इस दौरान फसल में 20 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से घुलनशील पोटाश का स्प्रे करने से बालियों में दाना अधिक चमकदार और मोटा हो जाएगा। वहीं जडे़ं मजबूत होने से पौधा हवा में गिरेगा भी नहीं। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में बुझा हुआ चूना और घुलनशील बोरोन का स्प्रे करने से भी उत्पादन बढ़ जाता है। बुझे हुए चूने से पौधे में कैल्शियम की पूर्ति होने के साथ ही कोशिका भित्ती भी मजबूत होती है। इससे फफूंदी जनित रोगों से भी बचाव होता है। उन्होंने कहा कि यह सभी उपाय अपनाकर किसान 20 प्रतिशत अधिक उत्पादन ले सकते हैं। इस मौके पर विजय त्यागी, महकार, डब्बू, सतीश त्यागी, रघुराज त्यागी, गजेंद्र, आनंद, शैंकी समेत दर्जनों किसान मौजूद रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर। गांव बिहूनी में आयोजित गोष्ठी में कृषि अधिकारी ने किसानों को गेहूं की फसल का उत्पादन बढ़ाने के सुझाव दिए।
गढ़ क्षेत्र के गांव बिहूनी में कृषि विभाग के तत्वाधान में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विभाग के प्राविधिक सहायक सतीश चंद शर्मा ने बताया कि इस समय गेहूं की अधिकांश फसल में बालियां निकल रही हैं। इस दौरान फसल में 20 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से घुलनशील पोटाश का स्प्रे करने से बालियों में दाना अधिक चमकदार और मोटा हो जाएगा। वहीं जडे़ं मजबूत होने से पौधा हवा में गिरेगा भी नहीं। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में बुझा हुआ चूना और घुलनशील बोरोन का स्प्रे करने से भी उत्पादन बढ़ जाता है। बुझे हुए चूने से पौधे में कैल्शियम की पूर्ति होने के साथ ही कोशिका भित्ती भी मजबूत होती है। इससे फफूंदी जनित रोगों से भी बचाव होता है। उन्होंने कहा कि यह सभी उपाय अपनाकर किसान 20 प्रतिशत अधिक उत्पादन ले सकते हैं। इस मौके पर विजय त्यागी, महकार, डब्बू, सतीश त्यागी, रघुराज त्यागी, गजेंद्र, आनंद, शैंकी समेत दर्जनों किसान मौजूद रहे।