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सीजन का पहला कोहरा गिरने से सर्दी का प्रकोप बढ़ा
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सीजन का पहला कोहरा गिरा, बेहद कम रही दृश्यता
गढ़मुक्तेश्वर। सीजन का पहला कोहरा गिरने से क्षेत्र में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। कोहरे के चलते सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को हुई। हाइवे पर बीस गज से आगे कुछ भी दिखाई न पड़ने से नेशनल हाइवे समेत मेरठ और बुलंदशहर रोड पर आने जाने वाले चालकों को कोहरा छंटने तक अपने वाहनों को होटल-ढाबों समेत सड़कों के किनारे रोकने को मजबूर होना पड़ा।
चमकदार धूप निकलने का क्रम जारी रहने से फिलहाल दिन में सर्दी से लोगों को कुछ राहत मिल रही है, लेकिन रात में ओस गिरने से वाष्पीकरण की क्रिया तेजी से बढ़ने लगी है। जिससे शनिवार की रात में करीब 12 बजे कोहरा गिरने का सिलसिला प्रारंभ हो गया। देर रात में करीब एक बजे हवा के रुख के साथ वातावरण में घने कोहरे की परत जम गई, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह पटरी से उतर गई। कोहरा इस कदर घना था कि ड्राइवरों को बीस गज दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था, जिसके चलते हादसों की संभावना के मद्देनजर उन्होंने अपने वाहनों को होटल-ढाबों समेत रास्तों में पड़ने वाले गांवों की आबादी में रोक लिया। इसके चलते नेशनल हाइवे समेत मेरठ और बुलंदशहर रोड पर रात में वाहनों का आवागमन बेहद ठंडा रहा।
सुबह दस बजे के बाद ही सामान्य हुआ यातायात
- रविवार की सुबह करीब 10 बजे कोहरे का प्रभाव हल्का होने के बाद ही चालक वाहनों को लेकर अपने गंतव्य स्थलों की तरफ रवाना हो सके। वहीं लोगों को सुबह के समय सर्दी से बचाव के लिए आलाव का सहारा लेना पड़ा। बाजार भी देर से खुले और सड़कों पर भी चहल-पहल कम दिखाई दी। धूप निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली, जिसके बार बाजार की रंगत वापस लौटी।
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गढ़मुक्तेश्वर। सीजन का पहला कोहरा गिरने से क्षेत्र में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया। कोहरे के चलते सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को हुई। हाइवे पर बीस गज से आगे कुछ भी दिखाई न पड़ने से नेशनल हाइवे समेत मेरठ और बुलंदशहर रोड पर आने जाने वाले चालकों को कोहरा छंटने तक अपने वाहनों को होटल-ढाबों समेत सड़कों के किनारे रोकने को मजबूर होना पड़ा।
चमकदार धूप निकलने का क्रम जारी रहने से फिलहाल दिन में सर्दी से लोगों को कुछ राहत मिल रही है, लेकिन रात में ओस गिरने से वाष्पीकरण की क्रिया तेजी से बढ़ने लगी है। जिससे शनिवार की रात में करीब 12 बजे कोहरा गिरने का सिलसिला प्रारंभ हो गया। देर रात में करीब एक बजे हवा के रुख के साथ वातावरण में घने कोहरे की परत जम गई, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह पटरी से उतर गई। कोहरा इस कदर घना था कि ड्राइवरों को बीस गज दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था, जिसके चलते हादसों की संभावना के मद्देनजर उन्होंने अपने वाहनों को होटल-ढाबों समेत रास्तों में पड़ने वाले गांवों की आबादी में रोक लिया। इसके चलते नेशनल हाइवे समेत मेरठ और बुलंदशहर रोड पर रात में वाहनों का आवागमन बेहद ठंडा रहा।
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सुबह दस बजे के बाद ही सामान्य हुआ यातायात
- रविवार की सुबह करीब 10 बजे कोहरे का प्रभाव हल्का होने के बाद ही चालक वाहनों को लेकर अपने गंतव्य स्थलों की तरफ रवाना हो सके। वहीं लोगों को सुबह के समय सर्दी से बचाव के लिए आलाव का सहारा लेना पड़ा। बाजार भी देर से खुले और सड़कों पर भी चहल-पहल कम दिखाई दी। धूप निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली, जिसके बार बाजार की रंगत वापस लौटी।
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