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जिले के दस गांवों में होगी जैविक फसलों की खेती
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:40 PM IST
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जिले के दस गांवों में होगी जैविक फसलों की खेती
हापुड़। जिले के 10 गांवों में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक फसलों की खेती होगी। इसके लिए शासन ने कृषि अधिकारियों को जल्द 10 राजस्व गांवों का कलस्टर तैयार कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। शासनादेश पर कृषि अफसरों ने गांवों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
मृदा परीक्षण विभाग की सर्वे रिपोर्ट में हापुड़ की मृदा का स्वास्थ्य काफी हद तक खराब हो चुका है। स्थिति यह है कि बिना रसायनिक उर्वरकों के भूमि से फसल उत्पादन लेना लगभग असंभव है। इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेत हुए प्रदेश सरकार ने अब जिले में जैविक खेती की शुरूआत कराने का निर्णय लिया है।
इसी प्रक्रिया के तहत शासन स्तर से परंपरागत कृषि विकास योजना लागू कर कृषि अफसरों को योजना की गाइडलाइन भेज दी गई है। इसमें कृषि अफसरों से जिले के 10 राजस्व गांवों का कलस्टर तैयार कर जल्द प्रस्ताव मुख्यालय को भेजने के निर्देश मिले हैं।
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जानकारी के अनुसार 10 गांवों में जैविक उर्वरकों से फसलों को तैयार कराया जाएगा। भूमि को उर्वरकशील बनाने के लिए वर्मी कंपोस्ट, हरी खाद, गोबर का खाद, नीम का खाद विभाग से किसान को दिया जाएगा। सरकार की नई पहल से किसानों का रसायनिक उर्वरकों पर लगने वाला फिजूल खर्चा भी कम होगा, वहीं जिलेवासियों को जैविक सब्जियां खाने का मौका मिलेगा।
उप कृषि निदेशक एएन मिश्रा का कहना है कि शासनादेशानुसार गांवों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही जिले के 10 गांवों में जैविक फसलें लहलहाती नजर आएंगी।
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हापुड़। जिले के 10 गांवों में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक फसलों की खेती होगी। इसके लिए शासन ने कृषि अधिकारियों को जल्द 10 राजस्व गांवों का कलस्टर तैयार कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। शासनादेश पर कृषि अफसरों ने गांवों के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
मृदा परीक्षण विभाग की सर्वे रिपोर्ट में हापुड़ की मृदा का स्वास्थ्य काफी हद तक खराब हो चुका है। स्थिति यह है कि बिना रसायनिक उर्वरकों के भूमि से फसल उत्पादन लेना लगभग असंभव है। इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेत हुए प्रदेश सरकार ने अब जिले में जैविक खेती की शुरूआत कराने का निर्णय लिया है।
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इसी प्रक्रिया के तहत शासन स्तर से परंपरागत कृषि विकास योजना लागू कर कृषि अफसरों को योजना की गाइडलाइन भेज दी गई है। इसमें कृषि अफसरों से जिले के 10 राजस्व गांवों का कलस्टर तैयार कर जल्द प्रस्ताव मुख्यालय को भेजने के निर्देश मिले हैं।
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जानकारी के अनुसार 10 गांवों में जैविक उर्वरकों से फसलों को तैयार कराया जाएगा। भूमि को उर्वरकशील बनाने के लिए वर्मी कंपोस्ट, हरी खाद, गोबर का खाद, नीम का खाद विभाग से किसान को दिया जाएगा। सरकार की नई पहल से किसानों का रसायनिक उर्वरकों पर लगने वाला फिजूल खर्चा भी कम होगा, वहीं जिलेवासियों को जैविक सब्जियां खाने का मौका मिलेगा।
उप कृषि निदेशक एएन मिश्रा का कहना है कि शासनादेशानुसार गांवों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही जिले के 10 गांवों में जैविक फसलें लहलहाती नजर आएंगी।