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एक किलोमीटर आगे डिस्कपल होती मालगाड़ी, हो सकता था बड़ा हादसा
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एक किलोमीटर आगे डिस्कपल होती मालगाड़ी, तो हो सकता था बड़ा हादसा
हापुड़। मुरादाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी यदि एक किलोमीटर आगे डिस्कपल होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। क्योंकि घटना से एक किलोमीटर दूर कुचेसर रोड स्टेशन के पास लोगों की भारी भीड़ होती है जो लाइनों को भी क्रॉस करते रहते हैं। लोड डिब्बों के कारण भी अनहोनी होने से बच गई।
बृहस्पतिवार सुबह बाबूगढ़ स्टेशन से आगे चलकर दयानगर के पास जहां मालगाड़ी डिस्कपल हुई थी, वहां लोगों की चहल पहल कम रहती है। ट्रैक पर भी लोगों का आना-जाना कम ही रहता है, लेकिन घटना से एक किलोमीटर आगे चलकर कुचेसर चौपला रोड स्टेशन है। दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन स्टेशन के पास स्थित रेलवे फाटक से होता है जहां फाटक बंद होने पर भी लोगों का आवागमन रहता है।
ऐसे में यदि यह हादसा कुचेसर स्टेशन के पास होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इतना ही नहीं मालगाड़ी के लोडिड डिब्बों ने भी बड़ा हादसा बचा लिया। अगर खाली डब्बे होते तो डीरेल होने की संभावना बढ़ सकती थी। बहरहाल बड़ा हादसा टलने से रेलवे के अधिकारी भी राहत की सांस ले रहे हैं।
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हापुड़। मुरादाबाद की ओर जा रही मालगाड़ी यदि एक किलोमीटर आगे डिस्कपल होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। क्योंकि घटना से एक किलोमीटर दूर कुचेसर रोड स्टेशन के पास लोगों की भारी भीड़ होती है जो लाइनों को भी क्रॉस करते रहते हैं। लोड डिब्बों के कारण भी अनहोनी होने से बच गई।
बृहस्पतिवार सुबह बाबूगढ़ स्टेशन से आगे चलकर दयानगर के पास जहां मालगाड़ी डिस्कपल हुई थी, वहां लोगों की चहल पहल कम रहती है। ट्रैक पर भी लोगों का आना-जाना कम ही रहता है, लेकिन घटना से एक किलोमीटर आगे चलकर कुचेसर चौपला रोड स्टेशन है। दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन स्टेशन के पास स्थित रेलवे फाटक से होता है जहां फाटक बंद होने पर भी लोगों का आवागमन रहता है।
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ऐसे में यदि यह हादसा कुचेसर स्टेशन के पास होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। इतना ही नहीं मालगाड़ी के लोडिड डिब्बों ने भी बड़ा हादसा बचा लिया। अगर खाली डब्बे होते तो डीरेल होने की संभावना बढ़ सकती थी। बहरहाल बड़ा हादसा टलने से रेलवे के अधिकारी भी राहत की सांस ले रहे हैं।
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