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बारिश कम होने से किसानों को सता रही चिंता
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:40 AM IST
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बारिश कम होने से किसानों को सता रही चिंता
हापुड़। इस बार अच्छे मानसून की घोषणा के बावजूद सीजन में मूसलाधार बारिश के लिए लोग तरस गए हैं। एक दो तेज बारिश जरूर हुई, लेकिन अभी तक क्षेत्र के लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश कम होने से धान के किसानों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। किसानों को इस बार भी उत्पादन घटने का खतरा नजर आ रहा है।
जनपद में अच्छे मानसून की आस लगाए लोगों को जुलाई माह में हुई बारिश ने निराश किया है। पिछले दो दिनों में मौसम विभाग ने अच्छी बारिश की उम्मीद जताई थी, लेकिन इसके बावजूद दमदार मानसूनी बारिश नहीं हुई। मानसून सीजन में मूसलाधार बारिश के लिए लोग तरस गए हैं। सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है। जबकि इस बार धान किसानों ने उत्साहित होकर बढ़ चढ़कर धान की रोपाई की थी। कृषि अधिकारियों के अनुसार इस बार पिछली साल की अपेक्षा अधिक धान की रोपाई हुई है।
किसानों की मानें तो पिछले कई वर्षों से किसानों की फसलों के अनुकूल मौसम नहीं हो रहा है। कभी बिन मौसम बारिश होती है तो कभी ओलावृष्टि हो जाती है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हो रहा है। इस बार अच्छी बारिश की संभावना से धान की रोपाई की है।
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जिला कृषि अधिकारी शिव कुमार का कहना है कि इस समय सभी फसलें वर्षा ऋतु की हैं। कम बारिश होने का फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। फसलों की बढ़वार रुक जाएगी तो पैदावार भी कम होगी। धान की फसल में हर समय नमी बनी होनी चाहिए, लेकिन बारिश कम होने से इसमें रोग लग सकते हैं।
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हापुड़। इस बार अच्छे मानसून की घोषणा के बावजूद सीजन में मूसलाधार बारिश के लिए लोग तरस गए हैं। एक दो तेज बारिश जरूर हुई, लेकिन अभी तक क्षेत्र के लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश कम होने से धान के किसानों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। किसानों को इस बार भी उत्पादन घटने का खतरा नजर आ रहा है।
जनपद में अच्छे मानसून की आस लगाए लोगों को जुलाई माह में हुई बारिश ने निराश किया है। पिछले दो दिनों में मौसम विभाग ने अच्छी बारिश की उम्मीद जताई थी, लेकिन इसके बावजूद दमदार मानसूनी बारिश नहीं हुई। मानसून सीजन में मूसलाधार बारिश के लिए लोग तरस गए हैं। सबसे अधिक परेशानी किसानों को हो रही है। जबकि इस बार धान किसानों ने उत्साहित होकर बढ़ चढ़कर धान की रोपाई की थी। कृषि अधिकारियों के अनुसार इस बार पिछली साल की अपेक्षा अधिक धान की रोपाई हुई है।
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किसानों की मानें तो पिछले कई वर्षों से किसानों की फसलों के अनुकूल मौसम नहीं हो रहा है। कभी बिन मौसम बारिश होती है तो कभी ओलावृष्टि हो जाती है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान फसलों को हो रहा है। इस बार अच्छी बारिश की संभावना से धान की रोपाई की है।
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जिला कृषि अधिकारी शिव कुमार का कहना है कि इस समय सभी फसलें वर्षा ऋतु की हैं। कम बारिश होने का फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। फसलों की बढ़वार रुक जाएगी तो पैदावार भी कम होगी। धान की फसल में हर समय नमी बनी होनी चाहिए, लेकिन बारिश कम होने से इसमें रोग लग सकते हैं।