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डेंगू, मलेरिया वार्ड में लटके हैं ताले
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:56 PM IST
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डेंगू, मलेरिया वार्ड में लटके हैं ताले
हापुड़। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के अफसर मच्छरजनित रोगों को रोकने का दम भर रहे हैं, लेकिन यह तैयारियां सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। आलम यह है कि गढ़ रोड सीएचसी में बने दो बेड के डेंगू, मलेरिया वार्ड पर ताला लटका है। आपातकाल वार्ड में भी चिकित्सक दिखाई नहीं देते।
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार और मरीजों को सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सुविधा के नाम पर मरीजों का माखौल उड़ा रहे हैं।
बीते दिनों कीट जीव विज्ञान की टीम ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ शहर, देहात में निरीक्षण कर डेंगू के भारी मात्रा में लार्वा होने का अंदेशा जताया था। मलेरिया फैलने की आशंका भी व्यक्त की गई थी। विभाग के आलाधिकारियों ने पहले से ही इन रोगों पर लगाम कसने का दावा किया था, लेकिन सभी दावे हवाई साबित हो रहे हैं। क्योंकि न तो मच्छरजनित रोगों पर शिकंजा कसने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है न ही सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था बनाई जा रही हैं।
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गढ़ रोड स्थित सीएचसी में डेंगू, मलेरिया से पीड़ित मरीजों को राहत दिलाने के लिए एक दो बेड का वार्ड भी बनाया गया है, लेकिन यह वार्ड मात्र दिखावे का है। क्योंकि अकसर इस पर ताला लटका रहता है।
इसके अलावा सीएचसी के आपातकाल वार्ड में यदि कोई मरीज पहुंचता है तो अकसर उसे चिकित्सकों के आने का इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि वार्ड में कोई चिकित्सक नहीं रहता, अकसर वार्ड में चिकित्सकों की कुर्सी खाली ही रहती हैं। स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी भी निरीक्षण में महज औपचारिकता ही बरतते हैं, यही कारण है कि सीएचसी में अव्यवस्थाएं हावी हैं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वेद प्रकाश का कहना है कि सभी सरकारी अस्पतालों के औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। अव्यवस्था मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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हापुड़। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग के अफसर मच्छरजनित रोगों को रोकने का दम भर रहे हैं, लेकिन यह तैयारियां सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। आलम यह है कि गढ़ रोड सीएचसी में बने दो बेड के डेंगू, मलेरिया वार्ड पर ताला लटका है। आपातकाल वार्ड में भी चिकित्सक दिखाई नहीं देते।
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के प्रचार-प्रसार और मरीजों को सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सुविधा के नाम पर मरीजों का माखौल उड़ा रहे हैं।
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बीते दिनों कीट जीव विज्ञान की टीम ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ शहर, देहात में निरीक्षण कर डेंगू के भारी मात्रा में लार्वा होने का अंदेशा जताया था। मलेरिया फैलने की आशंका भी व्यक्त की गई थी। विभाग के आलाधिकारियों ने पहले से ही इन रोगों पर लगाम कसने का दावा किया था, लेकिन सभी दावे हवाई साबित हो रहे हैं। क्योंकि न तो मच्छरजनित रोगों पर शिकंजा कसने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है न ही सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था बनाई जा रही हैं।
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गढ़ रोड स्थित सीएचसी में डेंगू, मलेरिया से पीड़ित मरीजों को राहत दिलाने के लिए एक दो बेड का वार्ड भी बनाया गया है, लेकिन यह वार्ड मात्र दिखावे का है। क्योंकि अकसर इस पर ताला लटका रहता है।
इसके अलावा सीएचसी के आपातकाल वार्ड में यदि कोई मरीज पहुंचता है तो अकसर उसे चिकित्सकों के आने का इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि वार्ड में कोई चिकित्सक नहीं रहता, अकसर वार्ड में चिकित्सकों की कुर्सी खाली ही रहती हैं। स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी भी निरीक्षण में महज औपचारिकता ही बरतते हैं, यही कारण है कि सीएचसी में अव्यवस्थाएं हावी हैं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वेद प्रकाश का कहना है कि सभी सरकारी अस्पतालों के औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। अव्यवस्था मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।