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Hapur News: जर्जर भवनों में कैद थे भविष्य के सपने, अब जमींदोज होंगे 37 स्कूल
Wed, 06 Aug 2025 10:27 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 06 Aug 2025 10:27 PM IST
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हापुड़। शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण वर्षों से जान जोखिम में डालकर 37 स्कूलों में बच्चे अपने भविष्य के सपने बुन रहे थे। अब इन जर्जर और खतरनाक भवनों को आखिरकार ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया है। अवर अभियंताओं ने रिपोर्ट में भवनों को असुरक्षित घोषित करते हुए इन्हें गिराने की अनुशंसा की है। बुधवार को बीएसए रितु तोमर ने अपनी रिपोर्ट डीएम अभिषेक पांडेय को सौंपी है। हालांकि, कुछ स्कूलों की जांच रिपोर्ट अभी आनी शेष है।
गांव भमैड़ा में जर्जर स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से दो बच्चे घायल हो गए थे। इसके बाद डीएम ने सभी स्कूलों की स्थिति के बारे में जानकारी की थी। इसमें सामने आया कि जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 450 विद्यालय संचालित हैं। इसमें से 250 विद्यालय ऐसे हैं, जिनका तकनीकी परीक्षण आवश्यक बताया गया। इस पर डीएम ने कई विभागों के अवर अभियंताओं की ड्यूटी तकनीकी परीक्षण के लिए लगाई थी। इसमें लोक निर्माण विभाग, एचपीडीए, नगर पालिका, जिला पंचायत, जल निगम नगरीय, सिंचाई विभाग, आरईडी, मध्य गंग नहर गढ़ आदि के अधिकारी शामिल थे। इस सूची में विकास खंड गढ़मुक्तेश्वर के 31, नगर क्षेत्र गढ़ के दो, विकास खंड हापुड़ के 108, विकास खंड सिंभावली के 44, विकास खंड धौलाना के 35, नगर क्षेत्र हापुड़ के 22 और नगर क्षेत्र पिलखुवा के तीन स्कूलों के तकनीकी परीक्षण के आदेश दिए थे। इसमें से कुछ स्कूलों को छोड़कर अभियंताओं ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है। रिपोर्ट में 37 स्कूलों के भवनों को असुरक्षित बताते हुए इन्हें ध्वस्त कराने की अनुशंसा की गई है। बुधवार को बीएसए ने डीएम के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।
दिनभर कलक्ट्रेट में बैठकर तैयार कराई रिपोर्ट
बीएसए रितु तोमर बुधवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंची और डीएम के सामने रिपोर्ट रखी, लेकिन रिपोर्ट स्पष्ट नहीं थी। इस पर डीएम ने प्रत्येक स्कूल की रिपोर्ट में वर्तमान स्थिति, कितने स्कूल जर्जर हैं आदि की पूरी जानकारी अपडेट कराने कोके लिए कहा। इसके बाद बीएसए ने संबंधित सभी अधिकारियों को कलक्ट्रेट बुलाया और वहीं पर बैठाकर रिपोर्ट तैयार कराई गई। दोपहर को डीएम को बीएसए ने रिपोर्ट सौंपी। हालांकि, जो 37 स्कूल ध्वस्त होने हैं, उनके नाम और स्कूल का कितना-कितना भाग ध्वस्त होगा, अधिकारियों ने यह रिपोर्ट अपने पास ही रखी है। इसमें किसी स्कूल में एक कमरा, किसी में रसोई तो किसी में शौचालय का हिस्सा ध्वस्त होगा। इसके अतिरिक्त 12 स्कूल ऐसे भी हैं, जिन्हें पूर्व में ध्वस्त कराने के आदेश दिए गए थे। इन स्कूलों को भी इन्हीं के साथ ध्वस्त कराया जाएगा।
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शिफ्ट कराने होंगे बच्चे--
यदि स्कूल पूरी तरह से ध्वस्त होते हैं तो फिर इनमें पढ़ने वाले बच्चों को आसपास के स्कूलों में शिफ्ट करना होगा। ऐसे में समस्या बड़ी बन सकती है। बच्चों की पढ़ाई भी बाधित न हो और स्कूलों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सके, इसके लिए पूरी योजना बनाई जा रही है।
कोट -
अभियंताओं की जांच में 37 स्कूल ऐसे मिले हैं, जो जर्जर हैं। इन्हें ध्वस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - अभिषेक पांडेय, जिलाधिकारी
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गांव भमैड़ा में जर्जर स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से दो बच्चे घायल हो गए थे। इसके बाद डीएम ने सभी स्कूलों की स्थिति के बारे में जानकारी की थी। इसमें सामने आया कि जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 450 विद्यालय संचालित हैं। इसमें से 250 विद्यालय ऐसे हैं, जिनका तकनीकी परीक्षण आवश्यक बताया गया। इस पर डीएम ने कई विभागों के अवर अभियंताओं की ड्यूटी तकनीकी परीक्षण के लिए लगाई थी। इसमें लोक निर्माण विभाग, एचपीडीए, नगर पालिका, जिला पंचायत, जल निगम नगरीय, सिंचाई विभाग, आरईडी, मध्य गंग नहर गढ़ आदि के अधिकारी शामिल थे। इस सूची में विकास खंड गढ़मुक्तेश्वर के 31, नगर क्षेत्र गढ़ के दो, विकास खंड हापुड़ के 108, विकास खंड सिंभावली के 44, विकास खंड धौलाना के 35, नगर क्षेत्र हापुड़ के 22 और नगर क्षेत्र पिलखुवा के तीन स्कूलों के तकनीकी परीक्षण के आदेश दिए थे। इसमें से कुछ स्कूलों को छोड़कर अभियंताओं ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है। रिपोर्ट में 37 स्कूलों के भवनों को असुरक्षित बताते हुए इन्हें ध्वस्त कराने की अनुशंसा की गई है। बुधवार को बीएसए ने डीएम के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।
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दिनभर कलक्ट्रेट में बैठकर तैयार कराई रिपोर्ट
बीएसए रितु तोमर बुधवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंची और डीएम के सामने रिपोर्ट रखी, लेकिन रिपोर्ट स्पष्ट नहीं थी। इस पर डीएम ने प्रत्येक स्कूल की रिपोर्ट में वर्तमान स्थिति, कितने स्कूल जर्जर हैं आदि की पूरी जानकारी अपडेट कराने कोके लिए कहा। इसके बाद बीएसए ने संबंधित सभी अधिकारियों को कलक्ट्रेट बुलाया और वहीं पर बैठाकर रिपोर्ट तैयार कराई गई। दोपहर को डीएम को बीएसए ने रिपोर्ट सौंपी। हालांकि, जो 37 स्कूल ध्वस्त होने हैं, उनके नाम और स्कूल का कितना-कितना भाग ध्वस्त होगा, अधिकारियों ने यह रिपोर्ट अपने पास ही रखी है। इसमें किसी स्कूल में एक कमरा, किसी में रसोई तो किसी में शौचालय का हिस्सा ध्वस्त होगा। इसके अतिरिक्त 12 स्कूल ऐसे भी हैं, जिन्हें पूर्व में ध्वस्त कराने के आदेश दिए गए थे। इन स्कूलों को भी इन्हीं के साथ ध्वस्त कराया जाएगा।
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शिफ्ट कराने होंगे बच्चे
यदि स्कूल पूरी तरह से ध्वस्त होते हैं तो फिर इनमें पढ़ने वाले बच्चों को आसपास के स्कूलों में शिफ्ट करना होगा। ऐसे में समस्या बड़ी बन सकती है। बच्चों की पढ़ाई भी बाधित न हो और स्कूलों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सके, इसके लिए पूरी योजना बनाई जा रही है।
कोट -
अभियंताओं की जांच में 37 स्कूल ऐसे मिले हैं, जो जर्जर हैं। इन्हें ध्वस्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। - अभिषेक पांडेय, जिलाधिकारी