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दिल्ली पुलिस के हवलदार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:11 AM IST
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दिल्ली पुलिस के हवलदार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
हापुड़। हापुड़ जिले की सीमा के नजदीक खरखौदा (मेरठ) थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव कबट्टा और बवनपुरा के बीच रविवार को अपराह्न करीब तीन बजे दिल्ली पुलिस के हवलदार की बदमाशों ने लूटपाट का विरोध करने पर गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में ग्रामीणों ने मृतक का शव गांव कैली के बस अड्डे पर रखकर करीब दो घंटे तक हापुड़-मेरठ मार्ग जाम रखा। पुलिस अफसरों से सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव कबट्टा में रविवार को गुरुद्वारा स्थापना सत्संग समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया था। समारोह में सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर हापुड़ और मेरठ जिले से बड़ी संख्या में पंजाबी जट्ट समाज के लोग सत्संग करते हुए वहां पहुंचे थे। मेरठ जिले के परीक्षतगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बढ़ला निवासी दिल्ली पुलिस का हवलदार सरबजीत सिंह पुत्र हरजीत सिंह अपनी पत्नी संगीता और तीन बच्चों के साथ कार में सवार होकर अपनी ननिहाल में चल रहे उक्त कार्यक्रम में भाग लेने आया था, उसकी तैनाती दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने मेें चल रही थी।
बताया गया है कि सरबजीत कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने गांव को लौट रहा था। इस दौरान दोपहर करीब तीन बजे कबट्टा और बवनपुरा गांव के बीच सरकारी नलकूप के पास बेखौफ बाइक सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर हथियारों की नोंक पर उसकी कार रुकवा लूटपाट का प्रयास किया। इसका जब सरबजीत ने विरोध किया तो एक बदमाश ने उसको गोली मार दी जो उसके कंधे में लगकर शरीर में धंस गई। गोली मारते ही बदमाश बाइक पर बैठकर फरार हो गए। कुछ ही देर में वहां से गुजरने वाले लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।
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घायल सरबजीत को परिजन और रिश्तेदार तत्काल मेरठ के आनंद अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव एंबुलेंस से लाकर करीब साढे़ चार बजे गांव कैली के बस अड्डे पर रखकर हापुड़-मेरठ मार्ग जाम कर दिया।
इधर घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश कुमार, विधायक सत्यवीर त्यागी, सीओ किठौड़ चक्रपाणी त्रिपाठी, थाना प्रभारी निरीक्षक खरखौदा राजेंद्र त्यागी भाजपा नेता टीटू बढ़ला समेत आसपास के थानों का पुलिस बल भी वहां पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों और विधायक सत्यवीर त्यागी ने काफी समझा बुझाकर व बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया।
25 साल तक खूनी रंजिश का केंद्र रहा है कबट्टा
हापुड़। खरखौदा (मेरठ) थाना क्षेत्र के पंजाबी जट्ट बाहुल्य गांव कबट्टा में बेशक अब शांति और भाईचारे के चलते गुरुद्वारा स्थापित किया जा रहा हो, लेकिन इस हकीकत को नकारा नहीं जा सकता कि वर्ष 1980 के दशक में वहां शुरू हुई खूनी रंजिश 25 साल तक दहकती रही, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक सिपाही समेत दोनों पक्षों के करीब डेढ़ दर्जन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मारे गए लोगों में कबट्टा गांव के कई रिश्तेेदार भी शामिल रहे।
मामूली बात को लेकर कबट्टा में शुरू हुई उक्त रंजिश में सबसे पहले इलाके में दबंग मेहर सिंह की घोड़ी समेत दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इसके बाद हत्याओं का ऐेसा दौर शुरू हुआ कि एक के बाद एक दोनों ओर से हत्या होती रहीं। हालांकि अब पिछले डेढ़ दशक से गांव में आपसी रंजिश शांत है, लेकिन सरबजीत सिंह की हत्या का खुलासा करना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
अचानक सरबजीत की हत्या को लेकर ग्रामीण सहमे हुए हैं। वहीं अटकलों का दौर जारी है। हालांकि इस घटना का पुरानी रंजिश से फिलहाल कोई लिंक नहीं मिला है।
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हापुड़। हापुड़ जिले की सीमा के नजदीक खरखौदा (मेरठ) थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव कबट्टा और बवनपुरा के बीच रविवार को अपराह्न करीब तीन बजे दिल्ली पुलिस के हवलदार की बदमाशों ने लूटपाट का विरोध करने पर गोली मारकर हत्या कर दी। बाद में ग्रामीणों ने मृतक का शव गांव कैली के बस अड्डे पर रखकर करीब दो घंटे तक हापुड़-मेरठ मार्ग जाम रखा। पुलिस अफसरों से सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव कबट्टा में रविवार को गुरुद्वारा स्थापना सत्संग समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया था। समारोह में सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर हापुड़ और मेरठ जिले से बड़ी संख्या में पंजाबी जट्ट समाज के लोग सत्संग करते हुए वहां पहुंचे थे। मेरठ जिले के परीक्षतगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बढ़ला निवासी दिल्ली पुलिस का हवलदार सरबजीत सिंह पुत्र हरजीत सिंह अपनी पत्नी संगीता और तीन बच्चों के साथ कार में सवार होकर अपनी ननिहाल में चल रहे उक्त कार्यक्रम में भाग लेने आया था, उसकी तैनाती दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने मेें चल रही थी।
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बताया गया है कि सरबजीत कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने गांव को लौट रहा था। इस दौरान दोपहर करीब तीन बजे कबट्टा और बवनपुरा गांव के बीच सरकारी नलकूप के पास बेखौफ बाइक सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर हथियारों की नोंक पर उसकी कार रुकवा लूटपाट का प्रयास किया। इसका जब सरबजीत ने विरोध किया तो एक बदमाश ने उसको गोली मार दी जो उसके कंधे में लगकर शरीर में धंस गई। गोली मारते ही बदमाश बाइक पर बैठकर फरार हो गए। कुछ ही देर में वहां से गुजरने वाले लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।
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घायल सरबजीत को परिजन और रिश्तेदार तत्काल मेरठ के आनंद अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव एंबुलेंस से लाकर करीब साढे़ चार बजे गांव कैली के बस अड्डे पर रखकर हापुड़-मेरठ मार्ग जाम कर दिया।
इधर घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश कुमार, विधायक सत्यवीर त्यागी, सीओ किठौड़ चक्रपाणी त्रिपाठी, थाना प्रभारी निरीक्षक खरखौदा राजेंद्र त्यागी भाजपा नेता टीटू बढ़ला समेत आसपास के थानों का पुलिस बल भी वहां पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों और विधायक सत्यवीर त्यागी ने काफी समझा बुझाकर व बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया।
25 साल तक खूनी रंजिश का केंद्र रहा है कबट्टा
हापुड़। खरखौदा (मेरठ) थाना क्षेत्र के पंजाबी जट्ट बाहुल्य गांव कबट्टा में बेशक अब शांति और भाईचारे के चलते गुरुद्वारा स्थापित किया जा रहा हो, लेकिन इस हकीकत को नकारा नहीं जा सकता कि वर्ष 1980 के दशक में वहां शुरू हुई खूनी रंजिश 25 साल तक दहकती रही, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक सिपाही समेत दोनों पक्षों के करीब डेढ़ दर्जन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मारे गए लोगों में कबट्टा गांव के कई रिश्तेेदार भी शामिल रहे।
मामूली बात को लेकर कबट्टा में शुरू हुई उक्त रंजिश में सबसे पहले इलाके में दबंग मेहर सिंह की घोड़ी समेत दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इसके बाद हत्याओं का ऐेसा दौर शुरू हुआ कि एक के बाद एक दोनों ओर से हत्या होती रहीं। हालांकि अब पिछले डेढ़ दशक से गांव में आपसी रंजिश शांत है, लेकिन सरबजीत सिंह की हत्या का खुलासा करना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
अचानक सरबजीत की हत्या को लेकर ग्रामीण सहमे हुए हैं। वहीं अटकलों का दौर जारी है। हालांकि इस घटना का पुरानी रंजिश से फिलहाल कोई लिंक नहीं मिला है।