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टैक्सटाइल सेंटर योजना में आवंटित 50 से अधिक भूखंडों को निरस्त करने की तैयारी

Sun, 08 Jul 2018 12:29 AM IST
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:29 AM IST
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टैक्सटाइल सेंटर योजना में आवंटित 50 से अधिक भूखंडों को निरस्त करने की तैयारी
टैक्सटाइल सेंटर योजना में आवंटित 50 से
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अधिक भूखंडों को निरस्त करने की तैयारी

हापुड़। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण की टैक्सटाइल सेंटर योजना पिलखुवा में आवंटित 50 से अधिक औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त करने की तैयारी है। इस बारे में आवंटियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिससे हड़कंप की स्थिति बन गई है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गया प्रसाद ने बताया कि औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने के लिए प्राधिकरण द्वारा टैक्सटाइल सेंटर योजना लाई गई थी। योजना के अंतर्गत 197 औद्योगिक भूखंड नियोजित है। इनमें से 180 भूखंडों का आवंटन किया गया था। इनमें से अनेक आवंटियों ने अभी तक लीज डीड/रजिस्ट्री नहीं कराई है तथा औद्योगिक इकाई की स्थापना भी नहीं की जा सकी है। इस कारण योजना का विकास संभव नहीं हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन में अधिकाधिक उद्योग लगाए जाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस संबंध में 22 मार्च को निदेशक एवं आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग रमारमण द्वारा टैक्सटाइल सेंटर योजना का भ्रमण किया गया था। इस दौरान यह निर्देश दिए गए थे कि योजना के विकास के लिए त्वरित कार्रवाई की जाए। उनके द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा योजना के आवंटियों के साथ की गई बैठक में भी योजना के त्वरित विकास एवं आवंटियों की समस्याओं के संबंध में विचार-विमर्श किया गया था।
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बैठक में आवंटियों द्वारा अवगत कराया गया कि कई लोगों ने केवल निवेश के उद्देश्य से भूखंड का आवंटन कराया तथा जानबूझ कर रजिस्ट्री नहीं कराई जा रही है। उद्योग का संचालन नहीं किया जा रहा है, जो उचित नहीं है।
आवंटियों के प्रतिनिधि संगठन की ओर से मांग की गई कि इस प्रवृत्ति से हतोत्साहित करने के लिए लीज डीड कराने एवं कब्जा प्राप्त करने के लिए एक समय अवधि निर्धारित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संगठनों की इस मांग पर प्राधिकरण की 56वीं बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया कि टैक्सटाइल सेंटर योजना में औद्योगिक भूखंडों पर यूनिट संचालन के लिए कब्जे के दिनांक से पांच वर्ष का समय निशुल्क निर्धारित किया जाए। उसके बाद तीन साल तक अर्थदंड सहित समयवृद्धि दी जाए। जिन प्रकरणों में आवंटी द्वारा आवंटन के पांच वर्ष बाद भी रजिस्ट्री न करा कब्जा प्राप्त नहीं किया गया है, उन्हें रजिस्ट्री निष्पादित कराने के लिए 16 अगस्त तक का समय दिया है।
प्राधिकरण के तहसीलदार व संपत्ति अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि करीब 50 से अधिक आवंटियों द्वारा अभी तक लीज डीड नहीं कराई गई है। उन्हें नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जिन आवंटियों ने 16 अगस्त तक अगर लीज डीड नहीं कराई, उनके भूखंडों को निरस्त कर नीलामी द्वारा पुन: आवंटित किया जाएगा।

एचपीडीए के उपाध्यक्ष गया प्रसाद ने सभी आवंटियों से अनुरोध किया है कि निरस्तीकरण से बचने के लिए लीज डीड करा लें, भूखंड पर उद्योग लगाकर योजना व प्रदेश की प्रगति में योगदान दें।
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