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सरकारी भूमि में उगीं फसल किसानों को न सौंपने पर भाकियू भड़की

Sat, 25 Nov 2017 01:26 AM IST
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:26 AM IST
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सरकारी भूमि में उगीं फसल किसानों को न सौंपने पर भाकियू भड़की
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सरकारी भूमि में उगाई गई फसल किसानों को न सौंपने पर भाकियू भड़की
--विरोध में तहसील का घेराव और धरना प्रदर्शन किया, बड़े आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। सरकारी भूमि में उगाई गईं फसल किसानों को न दिए जाने के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को तहसील का घेराव कर धराना प्रदर्शन किया। साथ ही उक्त फसलों को किसानों को न दिए जाने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।

क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए भाकियू कार्यकर्ता शुक्रवार को गढ़ में एकत्र हुए। इसके बाद कार्यकर्ता यहां मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा और जिला महासचिव दिनेश त्यागी के नेतृत्व में तहसील का घेराव कर प्रदर्शन करने के बाद धरने पर बैठ गए। इस दौरान दिनेश खेड़ा ने कहा कि गांव क्रियावली, शकराटीला और पूठ के जंगल में स्थित सरकारी भूमि में किसानों ने ग्राम पंचायत और राजस्व कर्मियों के बहकावे में आकर कड़ी मशक्कत और गाढ़ी कमाई के पैसों से फसल उगाई थीं, जिन्हें तहसील प्रशासन अपने कब्जे में लेकर नीलाम करा रहा है। इससे किसानों को लाखों की चपत लग रही है। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन का नैतिक दायित्व बनता है कि अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई भूमि में खड़ी फसलों को नीलाम कराने की बजाए किसानों की सुपुर्दगी में दिया जाए, लेकिन तहसील प्रशासन फसलों की नीलामी कराने की जिद पर अड़ा हुआ है। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बबली त्यागी और मंडल कार्यकारिणी सदस्य शब्बू चौधरी ने कहा कि अगर फसलों को किसानों को देने के बजाए नीलाम किया गया तो भाकियू बड़ा आंदोलन करेगी। जिला उपाध्यक्ष प्रधान अय्यूब अली ने कहा कि लुहारी के सरकारी तालाब का ठेका लेने वाले ने ग्राम पंचायत के खाते में रकम जमा कर दी है, लेकिन अब तहसील प्रशासन ठेकेदार पर उस पैसे को अपने खाते में जमा कराने का दबाव बना रहा है। सुरेश सैनी, मौमीन, करन सिंह ने कहा कि पूरी तरह रोक लगी होने के बाद भी पूठ गंगा से अवैध बालू खनन कर सरकारी राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। सुरेंद्र चौहान, जमील खां, मुकीम, सोमपाल चौहान ने कहा कि गांव नवादा खुर्द के प्रधान ने सरकारी रास्ते में सबमर्सिबल लगाने की शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उसे रुकवाने की बजाए उल्टे प्रधान के खिलाफ कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लिया है। इस दौरान भगत केवट, खलीफा, प्रेमचंद, सतेंद्र, डॉ.बाबू सिंह, प्रधान सुशील, शीशपाल, विक्रम, सतपाल, उदय सिंह, मदन, प्रेम सिंह, देवेंद्र, महेश केवट समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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