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बागपत में घोड़ों में ग्लैंडर्स के लक्षण मिलने से जिले में अलर्ट
Updated Sat, 19 May 2018 12:10 AM IST
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बागपत में घोड़ों में ग्लैंडर्स के
लक्षण मिलने से जिले में अलर्ट
हापुड़। बागपत में तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स रोग के लक्षण मिलने के बाद हापुड़ में भी अलर्ट कर दिया गया है। स्थानीय पशुपालन विभाग के अफसरों ने घोड़े, खच्चरों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। अफसर संदिग्ध घोड़ों के सैंपल एकत्र कर हिसार जांच के लिए भेजने की बात कह रहे हैं।
घोड़ों में होने वाली ग्लैंडर्स बीमारी बेहद घातक है। इसके प्रकोप में आने के बाद घोड़ा चलने फिरने में असमर्थ हो जाता है। तेजी से यह बीमारी एक से दूसरे घोड़ों में फैलती है। मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। यहां तक की कई बार वह जानलेवा बीमारी से भी पीड़ित हो जाते हैं। हाल ही में बागपत में भट्टे आदि पर ढुलाई करने वाले तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स रोग के लक्षण मिले हैं। ढुलाई करने वाले घोड़ों को उनके स्वामी एक जिले से दूसरे जिलों में लेकर जाते हैं। इसके चलते हापुड़ का पशुपालन विभाग भी अलर्ट हो गया है। भट्टों आदि पर घोड़ों की जांच की जा रही है। गनीमत है कि अभी तक तो किसी घोड़े में ग्लैंडर्स रोग के लक्षण नहीं मिले हैं।
उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि फिलहाल जिले में ग्लैंडर्स रोग का खतरा नहीं है। फिर भी घोड़ों की जांच कर संदिग्धों को तलाशा जा रहा है। यदि किसी घोड़े में लक्षण दिखते हैं तो उसका सैंपल जांच के लिए हिसार भेजा जाएगा।
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लक्षण मिलने से जिले में अलर्ट
हापुड़। बागपत में तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स रोग के लक्षण मिलने के बाद हापुड़ में भी अलर्ट कर दिया गया है। स्थानीय पशुपालन विभाग के अफसरों ने घोड़े, खच्चरों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। अफसर संदिग्ध घोड़ों के सैंपल एकत्र कर हिसार जांच के लिए भेजने की बात कह रहे हैं।
घोड़ों में होने वाली ग्लैंडर्स बीमारी बेहद घातक है। इसके प्रकोप में आने के बाद घोड़ा चलने फिरने में असमर्थ हो जाता है। तेजी से यह बीमारी एक से दूसरे घोड़ों में फैलती है। मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। यहां तक की कई बार वह जानलेवा बीमारी से भी पीड़ित हो जाते हैं। हाल ही में बागपत में भट्टे आदि पर ढुलाई करने वाले तीन घोड़ों में ग्लैंडर्स रोग के लक्षण मिले हैं। ढुलाई करने वाले घोड़ों को उनके स्वामी एक जिले से दूसरे जिलों में लेकर जाते हैं। इसके चलते हापुड़ का पशुपालन विभाग भी अलर्ट हो गया है। भट्टों आदि पर घोड़ों की जांच की जा रही है। गनीमत है कि अभी तक तो किसी घोड़े में ग्लैंडर्स रोग के लक्षण नहीं मिले हैं।
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उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि फिलहाल जिले में ग्लैंडर्स रोग का खतरा नहीं है। फिर भी घोड़ों की जांच कर संदिग्धों को तलाशा जा रहा है। यदि किसी घोड़े में लक्षण दिखते हैं तो उसका सैंपल जांच के लिए हिसार भेजा जाएगा।
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