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बच्चों की जान पर भारी पड़ा झोलाछाप का उपचार

Mon, 20 Aug 2018 11:37 PM IST
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:37 PM IST
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बच्चों की जान पर भारी पड़ा झोलाछाप का उपचार
बच्चों की जान पर भारी पड़ा झोलाछाप का उपचार
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- रातभर सही उपचार न मिलने के कारण उल्टी, दस्त से तड़पते रहे बच्चे
- सीवियर एनिमिया, इलेक्ट्रोलाइट, गैस्ट्रो एंटराइटिस की चपेट में भी थे बच्चे
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका अवनी के शरीर में मिली पानी की भारी कमी
जतिन त्यागी
हापुड़। मोहल्ला गिरधारीनगर में झोलाछाप चिकित्सक से उपचार कराना बच्चों की जान पर भारी पड़ गया। सही उपचार न मिलने के कारण उल्टी, दस्त से पीड़ित मासूम अवनी के शरीर में पानी की काफी कमी हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है। वहीं, बीमार अन्य बच्चे पहले से ही खून की कमी, इलैक्ट्रोलाइट की कमी व गैस्ट्रो एंटराइटिस से जूझ रहे थे। अस्पतालों में भर्ती बच्चों के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य अफसरों ने इसकी पुष्टि की।
गिरधारीनगर में रविवार दोपहर पोलियो की दवा पीने के बाद चार बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। उल्टी, दस्त के कारण एकाएक उनकी हालत नाजुक होती जा रही थी। ऐसे में कुछ बच्चों का उपचार उनके परिजनों ने झोलाछाप चिकित्सक से करा दिया। आरोप है कि झोलाछाप चिकित्सक ने बच्चों को गलत इंजेक्शन और दवा खिलायी। जिसके चलते उनकी हालत बिगड़ती चली गई। उल्टी और दस्त अधिक होने के कारण उनके शरीर में पानी की बेहद कमी हो गई। शरीर में पानी की कमी के कारण ही अवनी की मौत हुई। इसकी पुष्टि सीएमओ ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की है।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. संजीव ने दावा किया है कि अस्पतालों में इस समय जो बच्चे भर्ती हैं, उनमें सीवियर एनिमिया, इलेक्ट्रोलाइट की कमी और गैस्ट्रो एंटराइटिस मिला है।
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उन्होंने बताया कि एक वर्षीय मिष्ठी में हीमोग्लोबिन 6.7 मिला है, जबकि सामान्य तौर पर यह 12 से अधिक होना चाहिए। इसके अलावा सीएचसी में भर्ती अक्षय गैस्ट्रो एंटराइटिस से पीड़ित है। यह रोग एक तरह का इंफेक्शन है जो गंदी चीजों के संपर्क से फैलता है। वहीं, बच्चों में इलेक्ट्रोलाइट की भी कमी मिली है। इसकी कमी से बच्चों में सोडियम, पोटैशियम कम हो जाता है, जिसे ओआरएस आदि से पूरा किया जा सकता है।

यदि बच्ची को समय पर कुशल चिकित्सक से दिखाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। झोलाछाप चिकित्सक के उपचार के कारण ही अन्य बच्चों का स्वास्थ्य भी बिगड़ गया था।

- डॉ. राजवीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी

पोलियो वैक्सीन से नहीं होता कोई नुकसान
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजवीर सिंह ने बताया कि पोलियो रोधी दवा से बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ता है। गिरधारीनगर में जिस बॉक्स में रखी दवा से बीमार बच्चों को दवा पिलाई गई, उसी से 20 अन्य बच्चों को भी दवा पिलाई गई थी, जो सभी स्वस्थ हैं।

मुदाफरा में डायरिया से किशोर की मौत
गांव मुदाफरा में डायरिया की चपेट में आकर रविवार को राजपाल के 15 वर्षीय पुत्र दीपांशु की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
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