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गंगा किनारे छोड़ी गई नवजात बच्ची बाल संरक्षण केंद्र पहुंची
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:56 PM IST
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गंगा किनारे छोड़ी गई नवजात बच्ची बाल संरक्षण केंद्र पहुंची
गढ़मुक्तेश्वर। गंगा किनारे लावारिस मिली बच्ची को पुलिस ने हापुड़ ले जाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सुपुर्द कर दिया है। उसे वहां से बाल संरक्षण केंद्र में भेज दिया गया है। वहीं बच्ची को वापस लेने पहुंची पुलिस को देख परिवार बुरी तरह बिलखने लगा।
एक नवजात बच्ची को शुक्रवार रात के अंधेरे में कोई ब्रजघाट में गंगा किनारे छोड़कर चला गया था। तड़के डुबकी लगाने पहुंचे लोगों ने रोने की आवाज सुनकर बच्ची को उठाकर निजी चिकित्सक पास ले गए। इसकी सूचना मिलने पर ब्रजघाट में ही रहने वाला एक निसंतान दंपती वहां पहुंच गया, जो अपनी औलाद की तरह पालने का भरोसा देकर बच्ची को अपने घर ले गया था। मां गंगा की कृपा से औलाद की तमन्ना पूरी होने की खुशी में निसंतान दंपती बाजार से कपड़ों के साथ ही बच्ची के लिए पालने से लेकर खिलौने भी खरीद लाया था। रविवार सुबह पुलिस घर पहुंच गई, जिसने बच्ची को हापुड़ ले जाने की बात कही तो औलाद की तमन्ना पूरी होने का सपना टूटकर बिखरने के सदमे में निसंतान दंपती बुरी तरह रोने लगा। गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने नियम कानून का हवाला देकर बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया, जिसे हापुड़ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की अध्यक्ष ममता सिंह के सुपुर्द कर दिया गया। ब्रजघाट चौकी इंचार्ज केपी सिंह ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद बच्ची को फौरी तौर पर बाल संरक्षण केंद्र में भेज दिया है, जिसकी परवरिश को लेकर अब संबंधित महकमा ही आगे चलकर कोई निर्णय ले पाएगा।
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गढ़मुक्तेश्वर। गंगा किनारे लावारिस मिली बच्ची को पुलिस ने हापुड़ ले जाकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सुपुर्द कर दिया है। उसे वहां से बाल संरक्षण केंद्र में भेज दिया गया है। वहीं बच्ची को वापस लेने पहुंची पुलिस को देख परिवार बुरी तरह बिलखने लगा।
एक नवजात बच्ची को शुक्रवार रात के अंधेरे में कोई ब्रजघाट में गंगा किनारे छोड़कर चला गया था। तड़के डुबकी लगाने पहुंचे लोगों ने रोने की आवाज सुनकर बच्ची को उठाकर निजी चिकित्सक पास ले गए। इसकी सूचना मिलने पर ब्रजघाट में ही रहने वाला एक निसंतान दंपती वहां पहुंच गया, जो अपनी औलाद की तरह पालने का भरोसा देकर बच्ची को अपने घर ले गया था। मां गंगा की कृपा से औलाद की तमन्ना पूरी होने की खुशी में निसंतान दंपती बाजार से कपड़ों के साथ ही बच्ची के लिए पालने से लेकर खिलौने भी खरीद लाया था। रविवार सुबह पुलिस घर पहुंच गई, जिसने बच्ची को हापुड़ ले जाने की बात कही तो औलाद की तमन्ना पूरी होने का सपना टूटकर बिखरने के सदमे में निसंतान दंपती बुरी तरह रोने लगा। गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने नियम कानून का हवाला देकर बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया, जिसे हापुड़ चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की अध्यक्ष ममता सिंह के सुपुर्द कर दिया गया। ब्रजघाट चौकी इंचार्ज केपी सिंह ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद बच्ची को फौरी तौर पर बाल संरक्षण केंद्र में भेज दिया है, जिसकी परवरिश को लेकर अब संबंधित महकमा ही आगे चलकर कोई निर्णय ले पाएगा।
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