{"_id":"5d1cf1a48ebc3e3ce5627466","slug":"15621779332-garh-news112","type":"story","status":"publish","title_hn":"विरोध के चलते बैरंग लौटी चकबंदी टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विरोध के चलते बैरंग लौटी चकबंदी टीम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जखैड़ा में चकबंदी का ग्रामीणों ने किया विरोध
- चकबंदी सीओ को बुलाने पर अड़े ग्रामीण, वापस लौटी टीम
फोटो 03
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। तहसील क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर में चल रही चकबंदी प्रक्रिया का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम को वापस लौटना पड़ा।
गांव में चकबंदी प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला किसान फूलसुंदरी, सुनीता समेत महेश लोधी, उमेश, चमन सिंह, बीरेश ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम अदिति सिंह को शिकायती पत्र दिया था। जिन्होंने खेतों का रकबा कम करने समेत अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर चकबंदी सीओ अमरनाथ सिंह ने बुधवार को कानूनगो अरविंद शर्मा और लेखपाल अर्जुन सिंह को दोबारा पैमाइश कराने के लिए गांव भेजा। गांव के जंगल में पैमाइश कराने के लिए पहुंची टीम को देखकर किसान भड़क गए। किसानों का कहना है कि पहले भी उक्त लोग पहले भी चकबंदी कर चुके हैं, लेकिन सही ढंग से चकों की पैमाइश न होने के चलते किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई किसानों की कृषि भूमि का रकबा कम होने के साथ ही नाली भी नहीं छोड़ी गई हैं। जिससे फसलों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने चक ट्रांसफर की अपील भी खारिज कर दी है। किसानों ने चकबंदी सीओ के मौके पर पहुंचने तक खेतों की पैमाइश कराने से इंकार कर दिया। जिसके चलते चकबंदी अधिकारियों को बिना पैमाइश किए ही वापस लौटना पड़ा। इस मौके पर चकबंदी समिति सदस्य रिषिपाल सिंह, भाकियू नेता रिंकू राघव, खैमपाल सिंह, ओमपाल सिंह, दयाराम, मुनीपाल, अनिल, मोनू तोमर समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे। कानूनगो अरविंद शर्मा का कहना है कि चक ट्रांसफर के लिए एसओसी कार्यालय में आपत्ति लगाने के बाद ही कार्रवाई संभव है। वहीं सीओ चकबंदी अमरनाथ सिंह का कहना है कि चकबंदी प्रक्रिया बिना भेदभाव पूरी कराई जाएगी, किसी भी किसान का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
- चकबंदी सीओ को बुलाने पर अड़े ग्रामीण, वापस लौटी टीम
फोटो 03
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। तहसील क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर में चल रही चकबंदी प्रक्रिया का ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध के चलते टीम को वापस लौटना पड़ा।
गांव में चकबंदी प्रक्रिया में लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला किसान फूलसुंदरी, सुनीता समेत महेश लोधी, उमेश, चमन सिंह, बीरेश ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम अदिति सिंह को शिकायती पत्र दिया था। जिन्होंने खेतों का रकबा कम करने समेत अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर चकबंदी सीओ अमरनाथ सिंह ने बुधवार को कानूनगो अरविंद शर्मा और लेखपाल अर्जुन सिंह को दोबारा पैमाइश कराने के लिए गांव भेजा। गांव के जंगल में पैमाइश कराने के लिए पहुंची टीम को देखकर किसान भड़क गए। किसानों का कहना है कि पहले भी उक्त लोग पहले भी चकबंदी कर चुके हैं, लेकिन सही ढंग से चकों की पैमाइश न होने के चलते किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई किसानों की कृषि भूमि का रकबा कम होने के साथ ही नाली भी नहीं छोड़ी गई हैं। जिससे फसलों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने चक ट्रांसफर की अपील भी खारिज कर दी है। किसानों ने चकबंदी सीओ के मौके पर पहुंचने तक खेतों की पैमाइश कराने से इंकार कर दिया। जिसके चलते चकबंदी अधिकारियों को बिना पैमाइश किए ही वापस लौटना पड़ा। इस मौके पर चकबंदी समिति सदस्य रिषिपाल सिंह, भाकियू नेता रिंकू राघव, खैमपाल सिंह, ओमपाल सिंह, दयाराम, मुनीपाल, अनिल, मोनू तोमर समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे। कानूनगो अरविंद शर्मा का कहना है कि चक ट्रांसफर के लिए एसओसी कार्यालय में आपत्ति लगाने के बाद ही कार्रवाई संभव है। वहीं सीओ चकबंदी अमरनाथ सिंह का कहना है कि चकबंदी प्रक्रिया बिना भेदभाव पूरी कराई जाएगी, किसी भी किसान का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन