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चार साल में भी आबाद नहीं हो पाया ट्रांसपोर्ट नगर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jun 2019 12:00 AM IST
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चार साल में भी आबाद नहीं हो पाया ट्रांसपोर्ट नगर
अतिक्रमण के जाल में फ ंसी शहर की सड़कें
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हापुड़। शहर में जाम की समस्या का प्रमुख कारण अतिक्रमण भी है। मुख्य मार्ग से लेकर बाजार की सभी सड़कें अतिक्रमण की चपेट में हैं। चौड़ी सड़कें भी संकरी हो गई हैं। जहां दिन निकलते ही जाम की समस्या बन जाती है। नगर पालिका व पुलिस की मिलीभगत के चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
शहर का जाम इन दिनों लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। दिन निकलते ही शहर की सड़कें जाम की गिरफ्त में आ जाती हैं। एक तरफ भीषण गर्मी वहीं दूसरी तरफ जाम, लोग बेहाल हो जाते हैं। जिला मुख्यालय होने के कारण जिला प्रशासन से लेकर तहसील स्तर के अधिकारी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत अतिक्रमण से है, दुकानदारों से लेकर ठेले, फैरी व अस्थायी दुकानों ने सड़कों को घेर लिया है। गोल मार्केट, कोठीगेट, रेलवे रोड, गढ़ रोड, बुलंदशहर रोड, मेरठ रोड, पुराना बाजार, सर्राफा बाजार, चंडी रोड आदि शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं है जहां सड़कों पर अतिक्रमण न हुआ है। गोल मार्केट पर तो अस्थायी दुकानें पालिका के अतिक्रमण अभियान की पोल खोल रही हैं। पालिका की मिलीभगत से यह खेल हो रहा है। अधिकारियों की सख्ती के बाद कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति होती है, लेकिन इसके बाद फिर से वही स्थिति हो जाती है। शहर के जाम से जनता परेशान हो चुकी है। लेकिन अधिकारी इस समस्या के निस्तारण में कोई रूचि नहीं ले रहे हैं। नगर पालिका ईओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि पालिका द्वारा अतिक्रमण करने वालों के चेतावनी दी गई है, जल्द ही अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ जुर्माना भी वसूला जाएगा।
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भारी वाहन शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण
हापुड़ में इस समय सबसे बड़ी समस्या जाम है। शहर में सप्ताह में करीब पांच दिन जाम लगता है और जाम का मुख्य कारण भी भारी वाहन हैं, जो नो एंट्री के बावजूद शहर में प्रवेश करते हैं। पुलिस और परिवहन विभाग उगाही के चलते इस ओर ध्यान नहीं देते और भारी वाहनों को शहर में आसानी से प्रवेश मिल जाता है। हाल ही में अमर उजाला द्वारा यातायात पुलिस द्वारा उगाही के बाद भारी वाहनों को शहर में प्रवेश का मुद्दा उठाया था। लेकिन सरकारी सिस्टम इस पर आंखें मूंदे बैठा है।
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सड़क किनारे खड़े रहते हैं वाहन
शहर में दिल्ली रोड, बुलंदशहर रोड और गढ़ रोड पर भारी वाहनों का खासा जमावड़ा रहता है। दुकानों के बाहर सड़क पर भारी वाहन कतार लगाकर खड़े रहते हैं जो जाम का प्रमुख कारण बनता है। प्रमुख चौराहों के पास तो सबसे ज्यादा दिक्कत रहती है। ट्रैफिक पुलिस की मौजदूगी में ही भारी वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।

ट्रांसपोर्ट नगर से मिलेगी लोगों को राहत

हापुड़। चार साल के लंबे अंतराल के बावजूद जिले में एचपीडीए द्वारा विकसित किया गया ट्रांसपोर्ट नगर आबाद होने की बाट जोह रहा है। रजिस्ट्री होने के बावजूद ट्रांसपोर्टर अभी तक यहां नहीं आए हैं, लेकिन डीएम की सख्ती के बाद उम्मीद जगी है।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर को करीब चार साल पहले आबाद किया गया था। प्राधिकरण द्वारा यहां फिलहाल 521 में से 250 बुकिंग आफिस और गोदाम की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है। लेकिन सारी सुविधाएं देने के बावजूद अभी तक कोई ट्रांसपोर्टर यहां शिफ्ट नहीं हुआ है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार यहां शिफ्ट करने के लिए रजिस्ट्री करने वाले ट्रांसपोर्टरों को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।


30 तक नहीं हुए शिफ्ट तो रजिस्ट्री होगी कैंसिल
डीएम अदिति सिंह ने शहर में लगने वाले जाम की समस्या को देखते हुए 30 जून तक सभी ट्रांसपोर्टरों को ट्रांसपोर्ट नगर में शिफ्ट होने के आदेश दिए हैं। डीएम ने बताया कि शहर में जाम की समस्या को देखते हुए यह निर्णय लिया है। एआरटीओ व संबंधित अधिकारियों के दिशा निर्देश दिए गए हैं। जिन लोगों ने यहां रजिस्ट्री कराई है वह तय तिथि तक शिफ्ट हो जाएं, अन्यथा उनकी रजिस्ट्री कैंसिल की जा सकती है।

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