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किसान पाठशाला में उन्नत खेती के गुर बताए
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गांव सबली में लगी किसानों की पाठशाला
हापुड़। किसानों की आय दोगुना करने के क्रम में मंगलवार को गांव सबली में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती के टिप्स दिए, साथ ही सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
सहायक विकास अधिकारी धर्मेंद्र जाखड़ ने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती की ओर बढ़ना होगा। यंत्रों का सहारा लेकर बेहतर खेती की जा सकती है। रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर, जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सहफसली खेती से किसान आसानी से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं, लेकिन फसल बुवाई से पहले अच्छे बीजों का चयन अवश्य कर लें। कीटनाशकों का प्रयोग कृषि विशेषज्ञों से सलाह के बाद ही करें। कृषि विशेषज्ञ श्यामदेव ने किसानों को फसल बुवाई से पहले मृदा की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि मृदा की जांच से स्पष्ट हो जाएगा कि खेतों को किन पोषक तत्वों की अधिक आवश्यकता है, जिसके बाद किसान आवश्यकतानुसार उर्वरकों का प्रयोग कर अच्छी फसल पा सकते हैं।
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गन्ना पर्यवेक्षक नौबत सिहं व टीएसी कृष्ण कुमार ने कहा कि किसान गन्ने के साथ सहफसली खेती करें। इस विधि से किसान आसानी से आय दोगुनी कर सकते हैं। किसान पाठशाला में योगेश त्यागी, विजय, अशोक, आदेश त्यागी, विजय, ओमदत्त, सोदान, सोमदत्त, अंकित कसाना, कृष्ण त्यागी मौजूद रहे।
किसान पाठशाला में बताए उन्नत खेती के गुर
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़-सिंभावली क्षेत्र के गांवों में आयोजित किसान पाठशालाओं में कृषि अधिकारियों ने किसानों को उन्नत खेती के गुर बताए। वहीं जैविक खेती अपनाने पर भी बल दिया गया।
शासन के निर्देश पर गढ़ क्षेत्र के गांव करीमपुर में कृषि विभाग के तत्वावधान में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता करते हुए विभाग के एसडीएईओ सूबे सिंह ने किसानों को गर्मी के मौसम में खेतों की जुताई और उससे होने वाले फायदों के बारे में बताया। मौके पर प्राविधिक सहायक सतीश चंद शर्मा ने कहा कि रासायनिक खाद का अधिक इस्तेमाल होने से कृषि भूमि समेत भूमिगत जल, फसलें सभी जहरीले होने लगे हैं, जो मानव जीवन के लिए बेहद घातक हैं। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद का अंधाधुंध प्रयोग कर किसान मिट्टी की उर्वरता को भी समाप्त करते जा रहे हैं। इससे बचाव के लिए जैविक खेती अपनाया जाना बेहद जरूरी है। बताया कि बीज शोधन, भूमि शोधन, जैविक कीटनाशी, जैव उर्वरक पर्याप्त मात्रा में बाजार में उपलब्ध हैं। जिससे हम शुद्ध अन्न उगा सकते हैं। उन्होंने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज ग्राम योजना, सोलर पंप योजना के बारे में जानकारी देने के साथ ही गन्ने और धान की फसल को बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी गई। वहीं सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर में आयोजित किसान पाठशाला में किसान मित्र संदीप शर्मा ने किसानों को उन्नत खेती के बारे में बताया। इसके अलावा फसलों के चक्रानुक्रम, मिट्टी की जांच, उत्तम खाद का प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी। मौके पर पूर्व प्रधान गजराज सिंह, सुरेंद्र यादव, भीषम यादव, कैलाश, सुखपाल, जयवीर, दयाराम, सतेंद्र चौहान, रविंद्र तोमर, अनिल, सोनू, वीरेश, नवीन सोम, लखपत, बिजेंद्र, प्रमोद, महेश चौहान आदि किसान मौजूद रहे।
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हापुड़। किसानों की आय दोगुना करने के क्रम में मंगलवार को गांव सबली में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक खेती के टिप्स दिए, साथ ही सहफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
सहायक विकास अधिकारी धर्मेंद्र जाखड़ ने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती की ओर बढ़ना होगा। यंत्रों का सहारा लेकर बेहतर खेती की जा सकती है। रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर, जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि सहफसली खेती से किसान आसानी से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं, लेकिन फसल बुवाई से पहले अच्छे बीजों का चयन अवश्य कर लें। कीटनाशकों का प्रयोग कृषि विशेषज्ञों से सलाह के बाद ही करें। कृषि विशेषज्ञ श्यामदेव ने किसानों को फसल बुवाई से पहले मृदा की जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि मृदा की जांच से स्पष्ट हो जाएगा कि खेतों को किन पोषक तत्वों की अधिक आवश्यकता है, जिसके बाद किसान आवश्यकतानुसार उर्वरकों का प्रयोग कर अच्छी फसल पा सकते हैं।
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गन्ना पर्यवेक्षक नौबत सिहं व टीएसी कृष्ण कुमार ने कहा कि किसान गन्ने के साथ सहफसली खेती करें। इस विधि से किसान आसानी से आय दोगुनी कर सकते हैं। किसान पाठशाला में योगेश त्यागी, विजय, अशोक, आदेश त्यागी, विजय, ओमदत्त, सोदान, सोमदत्त, अंकित कसाना, कृष्ण त्यागी मौजूद रहे।
किसान पाठशाला में बताए उन्नत खेती के गुर
गढ़मुक्तेश्वर। गढ़-सिंभावली क्षेत्र के गांवों में आयोजित किसान पाठशालाओं में कृषि अधिकारियों ने किसानों को उन्नत खेती के गुर बताए। वहीं जैविक खेती अपनाने पर भी बल दिया गया।
शासन के निर्देश पर गढ़ क्षेत्र के गांव करीमपुर में कृषि विभाग के तत्वावधान में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता करते हुए विभाग के एसडीएईओ सूबे सिंह ने किसानों को गर्मी के मौसम में खेतों की जुताई और उससे होने वाले फायदों के बारे में बताया। मौके पर प्राविधिक सहायक सतीश चंद शर्मा ने कहा कि रासायनिक खाद का अधिक इस्तेमाल होने से कृषि भूमि समेत भूमिगत जल, फसलें सभी जहरीले होने लगे हैं, जो मानव जीवन के लिए बेहद घातक हैं। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद का अंधाधुंध प्रयोग कर किसान मिट्टी की उर्वरता को भी समाप्त करते जा रहे हैं। इससे बचाव के लिए जैविक खेती अपनाया जाना बेहद जरूरी है। बताया कि बीज शोधन, भूमि शोधन, जैविक कीटनाशी, जैव उर्वरक पर्याप्त मात्रा में बाजार में उपलब्ध हैं। जिससे हम शुद्ध अन्न उगा सकते हैं। उन्होंने किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज ग्राम योजना, सोलर पंप योजना के बारे में जानकारी देने के साथ ही गन्ने और धान की फसल को बीमारियों से बचाव की जानकारी भी दी गई। वहीं सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर में आयोजित किसान पाठशाला में किसान मित्र संदीप शर्मा ने किसानों को उन्नत खेती के बारे में बताया। इसके अलावा फसलों के चक्रानुक्रम, मिट्टी की जांच, उत्तम खाद का प्रयोग के बारे में भी जानकारी दी। मौके पर पूर्व प्रधान गजराज सिंह, सुरेंद्र यादव, भीषम यादव, कैलाश, सुखपाल, जयवीर, दयाराम, सतेंद्र चौहान, रविंद्र तोमर, अनिल, सोनू, वीरेश, नवीन सोम, लखपत, बिजेंद्र, प्रमोद, महेश चौहान आदि किसान मौजूद रहे।