{"_id":"5ce84cd6bdec220732263832","slug":"15587279445-garh-news169","type":"story","status":"publish","title_hn":"रमजान के तीसरे जुमे को अमनचैन और खुशहाली की दुआ हुईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रमजान के तीसरे जुमे को अमनचैन और खुशहाली की दुआ हुईं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रमजान के तीसरे जुमे को अमनचैन और खुशहाली की दुआ की
गढ़मुक्तेश्वर। रमजान मुबारक के तीसरे जुमे में मुस्लिम समुदाय से जुड़ेे लोगों समेत बच्चों ने बड़ी संख्या में मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अता की। इस दौरान अपेक्षित स्थान न मिलने पर कई मस्जिदों में लोगों को छतों से लेकर सड़कों पर खड़े होकर सजदा करना पड़ा।
तीसरे जुमे पर नगर समेत गांवों में बहुत से छोटे बच्चों ने भी अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखा, जिसको लेकर उनके परिजनों ने खूब खुशी मनाईं और इस उपलक्ष्य में पड़ोसियों को इफ्तार सामग्री तथा गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र वितरित किए। मुस्लिम समुदाय के लोगों सामूहिक तौर पर देश की खुशहाली, अमनचैन, भाईचारे की मजबूती और बीमारियों की रोकथाम को भी दुआ की। दरगाह शरीफ मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस ने रमजान माह की फजीलत के साथ ही तरावीह की नमाज, कुरान शरीफ की तिलावत, गरीब-निराश्रितों को खैरात, जकात, सदका और फितरा अदा करने की अहमियत भी बताई। विभिन्न स्थानों पर हुईं रोजा इफ्तार पार्टियों में सर्व समाज के लोगों ने शिरकत की।
विज्ञापन
गढ़मुक्तेश्वर। रमजान मुबारक के तीसरे जुमे में मुस्लिम समुदाय से जुड़ेे लोगों समेत बच्चों ने बड़ी संख्या में मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अता की। इस दौरान अपेक्षित स्थान न मिलने पर कई मस्जिदों में लोगों को छतों से लेकर सड़कों पर खड़े होकर सजदा करना पड़ा।
तीसरे जुमे पर नगर समेत गांवों में बहुत से छोटे बच्चों ने भी अपनी जिंदगी का पहला रोजा रखा, जिसको लेकर उनके परिजनों ने खूब खुशी मनाईं और इस उपलक्ष्य में पड़ोसियों को इफ्तार सामग्री तथा गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र वितरित किए। मुस्लिम समुदाय के लोगों सामूहिक तौर पर देश की खुशहाली, अमनचैन, भाईचारे की मजबूती और बीमारियों की रोकथाम को भी दुआ की। दरगाह शरीफ मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस ने रमजान माह की फजीलत के साथ ही तरावीह की नमाज, कुरान शरीफ की तिलावत, गरीब-निराश्रितों को खैरात, जकात, सदका और फितरा अदा करने की अहमियत भी बताई। विभिन्न स्थानों पर हुईं रोजा इफ्तार पार्टियों में सर्व समाज के लोगों ने शिरकत की।
विज्ञापन