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ापुड़ में स्वाइन फ्लू के मिले दो संदिग्ध मरीज, हड़कंप
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हापुड़ में स्वाइन फ्लू के मिले
दो संदिग्ध मरीज, हड़कंप
हापुड़। शहर के एक निजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीजों के मिलने से हड़कंप मच गया है। चिकित्सक ने दोनों मरीजों के लिए टैमी फ्लू दवा मंगाई है, हालांकि मरीजों की पहचान गोपनीय रखी गई है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी नहीं है। जिले से सटे मेरठ में दर्जनों मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि व दो लोगों की मौत से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
सर्दियों के मौसम में हापुड़ में स्वाइन फ्लू का वायरस हर साल अपना तांडव मचाता है। वर्ष 2016 और 17 में तो कई लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इनकी मौत का कारण स्वाइन फ्लू नहीं बताया था।
हापुड़ से सटे जिला मेरठ में इन दिनों स्वाइन फ्लू का वायरस फैल गया है। 27 से अधिक लोगों में इस बीमारी की पुष्टि के साथ ही दो लोगों की जान भी जा चुकी है। हापुड़ से रोजाना हजारों की संख्या में लोग मेरठ जाते हैं, इसलिए इन लोगों पर वायरस के अटैक का खतरा बना रहता है।
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स्वास्थ्य विभाग भले ही जिले में स्वाइन फ्लू न फैलने का दावा कर रहा हो, लेकिन यहां वायरस ने हमला बोल दिया है। नगर के एक निजी अस्पताल में दो मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। वहां तैनात चिकित्सक ने इन मरीजों के लिए टैमी फ्लू दवा मंगाई है।
चिकित्सकों की मानें तो इस दवा को सिर्फ स्वाइन फ्लू के मरीजों को ही खिलाया जाता है जिससे स्पष्ट है कि हापुड़ में भी अब स्वाइन फ्लू का वायरस फैल चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अधूरी
पड़ोसी जिला मेरठ में स्वाइन फ्लू फैल गया है, लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग कतई सतर्कता नहीं बरत रहा है। आलम यह है कि स्वाइन फ्लू से बचाव के यहां कोई संशाधन उपलब्ध नहीं है।
अस्पतालों में स्पेशल वार्ड तक नहीं बने
हर साल जिले में स्वाइन फ्लू लोगों की सेहत को खतरे में डालता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभी तक भी अस्पतालों में स्पेशल वार्डों की व्यवस्था नहीं कराई है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
*बुखार का बना रहना।
*गले में दर्द, सांस लेने में समस्या होना।
*नजला, जुकाम का बना रहना, सिर में दर्द।
*चक्कर आना, शरीर में तेजी से कमजोरी आना।
ऐसे करें बचाव
*भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें।
*नियमित अंतराल पर हाथ धोते रहें।
*संक्रमित मरीज से दूरी बनाकर रखें।
*समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
अधिकारी कहिन
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजवीर सिंह का कहना है कि टैमी फ्लू दवा सिर्फ स्वाइन फ्लू के मरीजों को ही खिलाई जाती है। ऐसे मरीजों के सैंपल लैब भिजवाकर जांच कराएंगे। फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का वायरस नहीं है।
-एक निजी अस्पताल में करा रहे उपचार, पहचान रखी है गोपनीय
-मरीजों को खिलाई गई है टैमी फ्लू की दवा
-स्वास्थ्य विभाग जानकारी से कर रहा इंकार, रहें सावधान
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दो संदिग्ध मरीज, हड़कंप
हापुड़। शहर के एक निजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीजों के मिलने से हड़कंप मच गया है। चिकित्सक ने दोनों मरीजों के लिए टैमी फ्लू दवा मंगाई है, हालांकि मरीजों की पहचान गोपनीय रखी गई है। स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी नहीं है। जिले से सटे मेरठ में दर्जनों मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि व दो लोगों की मौत से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
सर्दियों के मौसम में हापुड़ में स्वाइन फ्लू का वायरस हर साल अपना तांडव मचाता है। वर्ष 2016 और 17 में तो कई लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इनकी मौत का कारण स्वाइन फ्लू नहीं बताया था।
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हापुड़ से सटे जिला मेरठ में इन दिनों स्वाइन फ्लू का वायरस फैल गया है। 27 से अधिक लोगों में इस बीमारी की पुष्टि के साथ ही दो लोगों की जान भी जा चुकी है। हापुड़ से रोजाना हजारों की संख्या में लोग मेरठ जाते हैं, इसलिए इन लोगों पर वायरस के अटैक का खतरा बना रहता है।
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स्वास्थ्य विभाग भले ही जिले में स्वाइन फ्लू न फैलने का दावा कर रहा हो, लेकिन यहां वायरस ने हमला बोल दिया है। नगर के एक निजी अस्पताल में दो मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। वहां तैनात चिकित्सक ने इन मरीजों के लिए टैमी फ्लू दवा मंगाई है।
चिकित्सकों की मानें तो इस दवा को सिर्फ स्वाइन फ्लू के मरीजों को ही खिलाया जाता है जिससे स्पष्ट है कि हापुड़ में भी अब स्वाइन फ्लू का वायरस फैल चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अधूरी
पड़ोसी जिला मेरठ में स्वाइन फ्लू फैल गया है, लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग कतई सतर्कता नहीं बरत रहा है। आलम यह है कि स्वाइन फ्लू से बचाव के यहां कोई संशाधन उपलब्ध नहीं है।
अस्पतालों में स्पेशल वार्ड तक नहीं बने
हर साल जिले में स्वाइन फ्लू लोगों की सेहत को खतरे में डालता है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभी तक भी अस्पतालों में स्पेशल वार्डों की व्यवस्था नहीं कराई है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
*बुखार का बना रहना।
*गले में दर्द, सांस लेने में समस्या होना।
*नजला, जुकाम का बना रहना, सिर में दर्द।
*चक्कर आना, शरीर में तेजी से कमजोरी आना।
ऐसे करें बचाव
*भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें।
*नियमित अंतराल पर हाथ धोते रहें।
*संक्रमित मरीज से दूरी बनाकर रखें।
*समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
अधिकारी कहिन
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजवीर सिंह का कहना है कि टैमी फ्लू दवा सिर्फ स्वाइन फ्लू के मरीजों को ही खिलाई जाती है। ऐसे मरीजों के सैंपल लैब भिजवाकर जांच कराएंगे। फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का वायरस नहीं है।
-एक निजी अस्पताल में करा रहे उपचार, पहचान रखी है गोपनीय
-मरीजों को खिलाई गई है टैमी फ्लू की दवा
-स्वास्थ्य विभाग जानकारी से कर रहा इंकार, रहें सावधान