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मजदूर का बेटा बना वैज्ञानिक,जर्मनी में क्वांटम इमेजिंग पर करेगा शोध
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:09 AM IST
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मजदूर का बेटा बना वैज्ञानिक, जर्मनी में क्वांटम इमेजिंग पर करेगा शोध
हापुड़। हापुड़ के मोहल्ला राजीव विहार निवासी मजदूर के बेटे मोहित कुमार ने जर्मनी में वैज्ञानिक बनकर देश का नाम रोशन कर दिया है। मोहित क्वांटम इमेजिंग शोध परियोजना पर कार्य करेगा। ऑल इंडिया से एक मात्र मोहित को ही इस परियोजना के लिए चयनित किया गया है। इसके अलावा दिल्ली आईआईटी भी जल्द श्रेष्ठ छात्र के रूप में उन्हें प्रोफेसर पीके कट्टी सम्मान से पुरस्कृत करेगी।
राजीव विहार निवासी मुनेश्वर सिंह मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। मजदूरी करने के बावजूद उन्होंने अपने चार बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार दिलाए। उनका पुत्र मोहित कुमार पढ़ाई में काफी मेधावी है। जिसने अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहरा दिया है।
मोहित कुमार ने हापुड़ के चौधरी ताराचंद जनता इंटर कालेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद एसएसवी कालेज से बीएससी, मेरठ कालेज मेरठ से एमएससी की। इसके बाद एक निजी स्कूलों में शिक्षण कार्य करते हुए नेट और गेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
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साथ ही उन्होंने फैलोशिप पर दिल्ली आईआईटी में प्रवेश लिया। एम.टैक की भौतिक विभाग ब्रांच को उन्होंने टॉप कर दिया। इतना ही नहीं आईआईटी दिल्ली ने मोहित कुमार को दीक्षांत समारोह में प्रोफेसर पीके कट्टी पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
मोहित कुमार का चयन अब जर्मनी के यैना विश्वविद्यालय के एबे स्कूल ऑफ फोटोनिक्स में हुआ है। यहां वह बतौर वैज्ञानिक, क्वांटम इमेजिंग शोध परियोजना पर कार्य करेंगे। इस शोध के लिए ऑल इंडिया से सिर्फ उन्हें ही चुना गया है। बता दें कि मोहित कुमार एम.टैक करते समय भी डी.ए.ए.डी फैलोशिप पर जर्मनी में सात महीने तक शोध कार्य कर चुके हैं। इस सफलता का श्रेय मोहित ने अपने माता पिता, शिक्षक तथा मित्रों को दिया है।
मोहित कुमार की उपलब्धि पर उनके पिता मुनेश्वर सिंह, माता सोनवीरी देवी, बहन नीशू, प्रियंका व भाई अंकित समेत मोहल्ले के लोगों ने बधाई दी है।
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हापुड़। हापुड़ के मोहल्ला राजीव विहार निवासी मजदूर के बेटे मोहित कुमार ने जर्मनी में वैज्ञानिक बनकर देश का नाम रोशन कर दिया है। मोहित क्वांटम इमेजिंग शोध परियोजना पर कार्य करेगा। ऑल इंडिया से एक मात्र मोहित को ही इस परियोजना के लिए चयनित किया गया है। इसके अलावा दिल्ली आईआईटी भी जल्द श्रेष्ठ छात्र के रूप में उन्हें प्रोफेसर पीके कट्टी सम्मान से पुरस्कृत करेगी।
राजीव विहार निवासी मुनेश्वर सिंह मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। मजदूरी करने के बावजूद उन्होंने अपने चार बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार दिलाए। उनका पुत्र मोहित कुमार पढ़ाई में काफी मेधावी है। जिसने अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहरा दिया है।
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मोहित कुमार ने हापुड़ के चौधरी ताराचंद जनता इंटर कालेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद एसएसवी कालेज से बीएससी, मेरठ कालेज मेरठ से एमएससी की। इसके बाद एक निजी स्कूलों में शिक्षण कार्य करते हुए नेट और गेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।
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साथ ही उन्होंने फैलोशिप पर दिल्ली आईआईटी में प्रवेश लिया। एम.टैक की भौतिक विभाग ब्रांच को उन्होंने टॉप कर दिया। इतना ही नहीं आईआईटी दिल्ली ने मोहित कुमार को दीक्षांत समारोह में प्रोफेसर पीके कट्टी पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है।
मोहित कुमार का चयन अब जर्मनी के यैना विश्वविद्यालय के एबे स्कूल ऑफ फोटोनिक्स में हुआ है। यहां वह बतौर वैज्ञानिक, क्वांटम इमेजिंग शोध परियोजना पर कार्य करेंगे। इस शोध के लिए ऑल इंडिया से सिर्फ उन्हें ही चुना गया है। बता दें कि मोहित कुमार एम.टैक करते समय भी डी.ए.ए.डी फैलोशिप पर जर्मनी में सात महीने तक शोध कार्य कर चुके हैं। इस सफलता का श्रेय मोहित ने अपने माता पिता, शिक्षक तथा मित्रों को दिया है।
मोहित कुमार की उपलब्धि पर उनके पिता मुनेश्वर सिंह, माता सोनवीरी देवी, बहन नीशू, प्रियंका व भाई अंकित समेत मोहल्ले के लोगों ने बधाई दी है।