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हर तरफ जोश ही जोश रहा--।
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:04 AM IST
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पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट, बूथ के आस-पास नजर नहीं आई चुनाव प्रचार सामग्री
गढ़मुक्तेश्वर। राज्य निर्वाचन आयोग की कड़ी हिदायत के चलते पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिसके चलते पोलिंग बूथों के पास लगे पार्टियों के बस्तों पर चुनाव प्रचार सामग्री नदारद रही, लेकिन इसके बाद भी वोटरों का हौसला ठंडा नहीं पड़ पाया।
राज्य निर्वाचन आयोग के साथ ही शिक्षण और सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए जागरुकता अभियान वोटिंग वाले दिन फलीभूत होते गए। केंद्रीय निर्वाचन आयोग की सख्ती के चलते इस बार पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिए, जिसके चलते पोलिंग बूथों के पास बनाए गए पार्टियों के बस्तों पर झंडे-बैनर जैसी कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकी। पोलिंग बूथों से 200 मीटर की दूरी तक पार्टियों से जुड़े कार्यकर्ताओं को अपना प्रचार करना भी मुमकिन नहीं हो सका। जिससे वोटिंग करने जाने वालों को बिना वजह की माथापच्ची का शिकार होने से पूरी तरह निजात मिल गई। वोटर पर्ची दिखाने वालों से मतदान कराया जा रहा था, लेकिन कई स्थानों पर पोलिंग कर्मी फोटो में भिन्नता होने का हवाला देकर वोटरों को वापिस लौटाने से भी नहीं चूके।
गढ़मुक्तेश्वर। राज्य निर्वाचन आयोग की कड़ी हिदायत के चलते पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिसके चलते पोलिंग बूथों के पास लगे पार्टियों के बस्तों पर चुनाव प्रचार सामग्री नदारद रही, लेकिन इसके बाद भी वोटरों का हौसला ठंडा नहीं पड़ पाया।
राज्य निर्वाचन आयोग के साथ ही शिक्षण और सामाजिक संगठनों द्वारा चलाए गए जागरुकता अभियान वोटिंग वाले दिन फलीभूत होते गए। केंद्रीय निर्वाचन आयोग की सख्ती के चलते इस बार पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिए, जिसके चलते पोलिंग बूथों के पास बनाए गए पार्टियों के बस्तों पर झंडे-बैनर जैसी कोई भी चुनाव प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकी। पोलिंग बूथों से 200 मीटर की दूरी तक पार्टियों से जुड़े कार्यकर्ताओं को अपना प्रचार करना भी मुमकिन नहीं हो सका। जिससे वोटिंग करने जाने वालों को बिना वजह की माथापच्ची का शिकार होने से पूरी तरह निजात मिल गई। वोटर पर्ची दिखाने वालों से मतदान कराया जा रहा था, लेकिन कई स्थानों पर पोलिंग कर्मी फोटो में भिन्नता होने का हवाला देकर वोटरों को वापिस लौटाने से भी नहीं चूके।
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