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अब झूठे मुकद्मों में नहीं फंसा सकेंगे बिजली कर्मी
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:50 PM IST
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अब झूठे मुकदमों में नहीं फंसा सकेंगे बिजली कर्मी
- छापेमारी की वीडियोग्राफी कर यूपीपीसीएल के एप्लीकेशन पर ऑनलाइन करनी होगी अपडेट
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। बिजली निगम के अफसर अब उपभोक्ताओं को बिजली चोरी के फर्जी मुकदमों में नहीं फंसा सकेंगे। इस आरोप से बचने के लिए अब छापेमारी की वीडियोग्राफी कर यूपीपीसीएल एनफोर्समेंट एप्लीकेशन पर ऑनलाइन अपलोड की जाएगी।
राजस्व वसूली को लेकर इन दिनों निगम अफसर गंभीर हैं। लाइन लॉस कम करने के लिए बिजली चोरों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। मगर, आए दिन उपभोक्ता निगम कर्मियों पर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते रहते हैं।
इस समस्या से निजात पाने को अब पावर कारपोरेशन ने अलग रास्ता निकाला है। अब अधिकारी व कर्मचारी जो भी विद्युत चोरी की चेकिंग करने जाएगा, वह मौके की वीडियो और फोटोग्राफी करेगा तथा दोनों को मौके पर ही निगम के ऑनलाइन सिस्टम लाइव सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेगा। इससे मौके की लोकेशन भी आ जाएगी, जितने किलोवाट की चोरी मिलेगी उसमें कोई मिलीभगत नहीं होगी। वरन उतने का ही जुर्माना देना होगा। वहीं मौके पर ही चेकिंग रिपोर्ट भी भरी जाएगी।
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अधीक्षण अभियंता बीएल मौर्य का कहना है कि बिजली चोरी पर कार्रवाई की वीडियो को ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इस संबंध में कर्मियों को निर्देशित किया जा रहा है।
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- छापेमारी की वीडियोग्राफी कर यूपीपीसीएल के एप्लीकेशन पर ऑनलाइन करनी होगी अपडेट
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। बिजली निगम के अफसर अब उपभोक्ताओं को बिजली चोरी के फर्जी मुकदमों में नहीं फंसा सकेंगे। इस आरोप से बचने के लिए अब छापेमारी की वीडियोग्राफी कर यूपीपीसीएल एनफोर्समेंट एप्लीकेशन पर ऑनलाइन अपलोड की जाएगी।
राजस्व वसूली को लेकर इन दिनों निगम अफसर गंभीर हैं। लाइन लॉस कम करने के लिए बिजली चोरों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। मगर, आए दिन उपभोक्ता निगम कर्मियों पर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाते रहते हैं।
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इस समस्या से निजात पाने को अब पावर कारपोरेशन ने अलग रास्ता निकाला है। अब अधिकारी व कर्मचारी जो भी विद्युत चोरी की चेकिंग करने जाएगा, वह मौके की वीडियो और फोटोग्राफी करेगा तथा दोनों को मौके पर ही निगम के ऑनलाइन सिस्टम लाइव सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेगा। इससे मौके की लोकेशन भी आ जाएगी, जितने किलोवाट की चोरी मिलेगी उसमें कोई मिलीभगत नहीं होगी। वरन उतने का ही जुर्माना देना होगा। वहीं मौके पर ही चेकिंग रिपोर्ट भी भरी जाएगी।
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अधीक्षण अभियंता बीएल मौर्य का कहना है कि बिजली चोरी पर कार्रवाई की वीडियो को ऑनलाइन अपलोड करना होगा। इस संबंध में कर्मियों को निर्देशित किया जा रहा है।