फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   जयशंकर प्रसाद के हिंदी साहित्य में स्थान पर गोष्ठी

जयशंकर प्रसाद के हिंदी साहित्य में स्थान पर गोष्ठी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2019 01:02 PM IST
विज्ञापन
जयशंकर प्रसाद के हिंदी साहित्य में स्थान पर गोष्ठी
जयशंकर प्रसाद के हिंदी साहित्य में स्थान पर गोष्ठी
विज्ञापन


हापुड़। हिंदी साहित्य परिषद के तत्वावधान में मंगलवार को नई शिवपुरी में जयशंकर प्रसाद का आधुनिक हिंदी साहित्य में स्थान और महत्व विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने विचार रखे।
मुख्य वक्ता डा. तिलक सिंह ने कहा कि जयशंकर प्रसाद आधुनिक हिंदी साहित्य की छायावादी काव्यधारा के प्रवर्तक रचनाकर रहे हैं। इन्होंने कविता, कहानी, निबंध, नाटक, उपन्यास, आलोचना और पत्रकारिता के क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित किए, आंसू, झरना, लहर, कालजयी काव्य कृतियों की रचना की। इनका प्रबंध काव्य कामायनी आधुनिक हिंदी काव्य की अन्यतम रचना है। चंद्रगुप्ता, स्कंदगुप्त आदि इनके लोकप्रिय ऐतिहासिक नाटक है। इन नाटकों के माध्यम से इन्होंने भारत के प्राचीन इतिहास की खोज की।
विज्ञापन

डा. अब्दुल जलील ने कहा कि जयशंकर प्रसाद ने तितली, कंकाल, इरावती उपन्यासों की रचना करके भारतीय समाज और इतिहास को नई दिशा दी है। डा. कुंवरपाल शर्मा, डा. जीत सिंह, डा. महेश चंद शर्मा, डा. सत्यप्रकाश सागर, डा. इंदुगोस्वामी, डा. सीमा शर्मा, प्रोफेसर देवानंद और शिक्षक दिनेक कुमार ने विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed