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हापुड़ जिले की सीमा के विस्तार पर लखनऊ में आज होगी चर्चा
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:00 AM IST
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हापुड़ जिले की सीमा के विस्तार
पर लखनऊ में आज होगी चर्चा
हापुड़। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जयनाथ यादव शुक्रवार को लखनऊ में पश्चिमी जिलों को लेकर आयोजित अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में हापुड़ जिले के विस्तार का मुद्दा भी उठेगा।
हापुड़ जिला बनने के बाद से ही जिले की सीमा का विस्तार किए जाने की मांग उठती रही है। क्योंकि हापुड़ जिले की एक सीमा मसूरी गंग नहर से लेकर गढ़ गंगा तक है जबकि दूसरी सीमा मेरठ रोड पर नगर पालिका परिषद की सीमा के समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाती है। उधर बुलंदशहर रोड पर ही मध्य गंगनहर पार करने के बाद ही हापुड़ जिले की सीमा गुलावठी के पास समाप्त हो जाती है।
यही कारण है कि हापुड़ जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक डा. एसके कौशिक जिले की सीमा का विस्तार किए जाने की मांग को लेकर कई बार शासन को पत्र लिख चुके हैं। इतना ही नहीं यहां तैनात रहे जिलाधिकारी अजय यादव के कार्यकाल में फाइल तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन उनके तबादला होने के बाद किसी भी अधिकारी इस मामले में रुचि नहीं ली।
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मेरठ रोड पर हापुड़ जिले की सीमा के निकटवर्ती गांव धीरखेड़ा, नया गांव, पंाची, कैली, कूड़ी, कबट्टा, अतराड़ा, रजपुरा आदि गांवों के लोग तथा धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी भी कई बार इस मांग को उठा चुके हैं।
आईआईए के चैप्टर अध्यक्ष सोनू चुग, मंत्री अभिषेक मित्तल, कोषाध्यक्ष शांतनु, पूर्व अध्यक्ष अशोक छारिया और मनोज गुप्ता आदि का कहना है कि जब धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को बिजली हापुड़ से मिलती है। इतना ही नहीं आयकर, जीएसटी, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और प्राधिकरण का विकास शुल्क भी हापुड़ में देना होता है। इसलिए वे लोग बार बार मांग करते हैं कि धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को हापुड़ जिले में शामिल किया जाए।
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पर लखनऊ में आज होगी चर्चा
हापुड़। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जयनाथ यादव शुक्रवार को लखनऊ में पश्चिमी जिलों को लेकर आयोजित अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में हापुड़ जिले के विस्तार का मुद्दा भी उठेगा।
हापुड़ जिला बनने के बाद से ही जिले की सीमा का विस्तार किए जाने की मांग उठती रही है। क्योंकि हापुड़ जिले की एक सीमा मसूरी गंग नहर से लेकर गढ़ गंगा तक है जबकि दूसरी सीमा मेरठ रोड पर नगर पालिका परिषद की सीमा के समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाती है। उधर बुलंदशहर रोड पर ही मध्य गंगनहर पार करने के बाद ही हापुड़ जिले की सीमा गुलावठी के पास समाप्त हो जाती है।
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यही कारण है कि हापुड़ जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक डा. एसके कौशिक जिले की सीमा का विस्तार किए जाने की मांग को लेकर कई बार शासन को पत्र लिख चुके हैं। इतना ही नहीं यहां तैनात रहे जिलाधिकारी अजय यादव के कार्यकाल में फाइल तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन उनके तबादला होने के बाद किसी भी अधिकारी इस मामले में रुचि नहीं ली।
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मेरठ रोड पर हापुड़ जिले की सीमा के निकटवर्ती गांव धीरखेड़ा, नया गांव, पंाची, कैली, कूड़ी, कबट्टा, अतराड़ा, रजपुरा आदि गांवों के लोग तथा धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी भी कई बार इस मांग को उठा चुके हैं।
आईआईए के चैप्टर अध्यक्ष सोनू चुग, मंत्री अभिषेक मित्तल, कोषाध्यक्ष शांतनु, पूर्व अध्यक्ष अशोक छारिया और मनोज गुप्ता आदि का कहना है कि जब धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को बिजली हापुड़ से मिलती है। इतना ही नहीं आयकर, जीएसटी, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और प्राधिकरण का विकास शुल्क भी हापुड़ में देना होता है। इसलिए वे लोग बार बार मांग करते हैं कि धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र को हापुड़ जिले में शामिल किया जाए।