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जोश को सलाम--।
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:04 AM IST
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जोश को सलाम
उम्र के आखिरी पड़ाव में भी बुजुर्गों ने नहीं हारी हिम्मत
लोकतंत्र के महापर्व में भागीदार बनने को अपनों के सहारे बूथ पर पहुंचे
इमरान अली
गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के बुजुर्गों समेत बीमार और दिव्यांगों ने भी पालिका चुनाव में जोश के साथ मनपसंद प्रत्याशियों को वोट डाले। मतदान करने के लिए बुजुर्ग और दिव्यांग अपनों के सहारे पोलिंग बूथों पर पहुंचे और पूरे जोश-खरोश के साथ वोटिंग किया।
पालिका में अच्छी सरकार और वार्डों में मनपसंद सभासद बनाने की ख्वाहिश लेकर बुजुर्ग काफी जागरुक दिखाई दे रहे थे। अपने लड़खड़ाते पैरों के सहारे चलकर पोलिंग बूथ तक पहुंच पाना उनके लिए मुमकिन नहीं था। इसलिए परिजनों के पोलिंग बूथ से वापस घर लौट आने की बाट जोहनी पड़ी। बुजुर्ग अपनों के कंधों का सहारा लेकर लड़खड़ाते हुए पोलिंग बूथों पर पहुंचे और खुशी मन के साथ वोट डालने की नैतिक जिम्मेदारी निभाई। अक्को बेगम और रमादेवी समेत कई बुजुर्ग अपनों के सहारे वोट डालने पहुंचे तो बीमारी से तंग चल रही नन्ही परिजनों के कंधों के सहारे पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंची। बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांगों ने बूथ के आसपास खड़े लोगों को पालिका क्षेत्र और समाजहित का हवाला देकर अपने घरों की सारी वोट डलवाने की सीख भी दी।
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उम्र के आखिरी पड़ाव में भी बुजुर्गों ने नहीं हारी हिम्मत
लोकतंत्र के महापर्व में भागीदार बनने को अपनों के सहारे बूथ पर पहुंचे
इमरान अली
गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्र के बुजुर्गों समेत बीमार और दिव्यांगों ने भी पालिका चुनाव में जोश के साथ मनपसंद प्रत्याशियों को वोट डाले। मतदान करने के लिए बुजुर्ग और दिव्यांग अपनों के सहारे पोलिंग बूथों पर पहुंचे और पूरे जोश-खरोश के साथ वोटिंग किया।
पालिका में अच्छी सरकार और वार्डों में मनपसंद सभासद बनाने की ख्वाहिश लेकर बुजुर्ग काफी जागरुक दिखाई दे रहे थे। अपने लड़खड़ाते पैरों के सहारे चलकर पोलिंग बूथ तक पहुंच पाना उनके लिए मुमकिन नहीं था। इसलिए परिजनों के पोलिंग बूथ से वापस घर लौट आने की बाट जोहनी पड़ी। बुजुर्ग अपनों के कंधों का सहारा लेकर लड़खड़ाते हुए पोलिंग बूथों पर पहुंचे और खुशी मन के साथ वोट डालने की नैतिक जिम्मेदारी निभाई। अक्को बेगम और रमादेवी समेत कई बुजुर्ग अपनों के सहारे वोट डालने पहुंचे तो बीमारी से तंग चल रही नन्ही परिजनों के कंधों के सहारे पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंची। बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांगों ने बूथ के आसपास खड़े लोगों को पालिका क्षेत्र और समाजहित का हवाला देकर अपने घरों की सारी वोट डलवाने की सीख भी दी।
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