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तालाबों से कब्जा हटाने की शासन को भेजी हवाई रिपोर्ट
Updated Sun, 18 Feb 2018 12:13 AM IST
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तालाबों से कब्जा हटाने की शासन को भेजी गलत रिपोर्ट
हापुड़। शासन के आदेशों पर जिले में गठित एंटी भू माफिया टास्क फोर्स ने 90 प्रतिशत तालाबों को कब्जामुक्त करने की शासन को लिखित रिपोर्ट भेज दी है। जबकि हकीकत इससे उलट है। अभी भी करीब 60 फीसदी तालाबों पर कब्जा है। टास्क फोर्स की कार्रवाई कुछ सीमित तालाबों तक ही सिमटकर रह गई है।
जिले में कुल 1244 तालाब पर कब्जे थे। सरकार बनने के बाद इन तालाबों को मुक्त कराने के आदेश दिए गए थे। सरकार के सख्त आदेशों के बाद तालाबों को कब्जा मुक्त करने के लिए एंटी भू माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया था। हाल ही में शासन ने सभी जिलों से 15 फरवरी तक तालाबों को कब्जा मुक्त कर रिपोर्ट मांगी थी। जिला प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट में जिले के 90 प्रतिशत तालाबों को कब्जा मुक्त करने का दावा किया है। बाकी दस प्रतिशत भूमि पर सैकड़ों साल पहले कब्जे होने के कारण ढिलाई बरतने का कारण बताया गया है, लेकिन आंकड़े केवल कागजी हैं। जमीनी हकीकत में अभी भी साठ प्रतिशत तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। हैरानी की बात है कि तालाबों पर कब्जा जमाए लोग अभी भी तालाबों में कूड़ा-करकट डालकर धीरे धीरे पाटने में लगे हैं। इस स्थिति से अगले कुछ सालों में इन तालाबों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
57 तालाबों के जीर्णोद्धार का दावा
जिले में जहां 1244 तालाबों में से 90 प्रतिशत को कब्जामुक्त कराने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं 57 तालाबों का जीर्णोद्धार करने की बात कही गई है। इन तालाबों को कब्जामुक्त कराने के साथ-साथ मनरेगा के तहत इनके चारों ओर पौधरोपण कराकर, चारों ओर बेंच आदि बिछवाई गईं हैं।
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103.78 हेक्टेयर अन्य भूमि पर भी थे कब्जे
तालाबों के अलावा जिले में 103.78 हेक्टेयर अन्य भूमि पर भी अवैध कब्जे थे। इसमें चरागाहों की भूमि भी शामिल है। इस भूमि को भी पूरी तरह से कब्जामुक्त कराने के दावे किए गए हैं। जबकि प्रशासन के इस अभियान पर आए दिन लोगों द्वारा उंगलियां उठाई जाती है।
इस संबंध में डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि अधिकतर तालाबों को कब्जामुक्त करा लिया गया है। यदि कहीं लोगों ने दोबारा कब्जा किया है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार का कहना है कि जिले में 90 प्रतिशत तालाब कब्जामुक्त हो चुके हैं। कुछ तालाब की सही स्थिति के बारे में जानकारी न होने पर समस्या है। उनका कहना है कि उनके स्तर से तालाबों पर कब्जामुक्त कार्य गंभीरता से पूरा किया गया है। हालांकि लोगों को शिकायत है तो उसकी जांच कराकर तालाबों को पूर्णतया कब्जामुक्त कराया जाएगा।
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हापुड़। शासन के आदेशों पर जिले में गठित एंटी भू माफिया टास्क फोर्स ने 90 प्रतिशत तालाबों को कब्जामुक्त करने की शासन को लिखित रिपोर्ट भेज दी है। जबकि हकीकत इससे उलट है। अभी भी करीब 60 फीसदी तालाबों पर कब्जा है। टास्क फोर्स की कार्रवाई कुछ सीमित तालाबों तक ही सिमटकर रह गई है।
जिले में कुल 1244 तालाब पर कब्जे थे। सरकार बनने के बाद इन तालाबों को मुक्त कराने के आदेश दिए गए थे। सरकार के सख्त आदेशों के बाद तालाबों को कब्जा मुक्त करने के लिए एंटी भू माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया था। हाल ही में शासन ने सभी जिलों से 15 फरवरी तक तालाबों को कब्जा मुक्त कर रिपोर्ट मांगी थी। जिला प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट में जिले के 90 प्रतिशत तालाबों को कब्जा मुक्त करने का दावा किया है। बाकी दस प्रतिशत भूमि पर सैकड़ों साल पहले कब्जे होने के कारण ढिलाई बरतने का कारण बताया गया है, लेकिन आंकड़े केवल कागजी हैं। जमीनी हकीकत में अभी भी साठ प्रतिशत तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। हैरानी की बात है कि तालाबों पर कब्जा जमाए लोग अभी भी तालाबों में कूड़ा-करकट डालकर धीरे धीरे पाटने में लगे हैं। इस स्थिति से अगले कुछ सालों में इन तालाबों का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
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57 तालाबों के जीर्णोद्धार का दावा
जिले में जहां 1244 तालाबों में से 90 प्रतिशत को कब्जामुक्त कराने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं 57 तालाबों का जीर्णोद्धार करने की बात कही गई है। इन तालाबों को कब्जामुक्त कराने के साथ-साथ मनरेगा के तहत इनके चारों ओर पौधरोपण कराकर, चारों ओर बेंच आदि बिछवाई गईं हैं।
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103.78 हेक्टेयर अन्य भूमि पर भी थे कब्जे
तालाबों के अलावा जिले में 103.78 हेक्टेयर अन्य भूमि पर भी अवैध कब्जे थे। इसमें चरागाहों की भूमि भी शामिल है। इस भूमि को भी पूरी तरह से कब्जामुक्त कराने के दावे किए गए हैं। जबकि प्रशासन के इस अभियान पर आए दिन लोगों द्वारा उंगलियां उठाई जाती है।
इस संबंध में डीएम कृष्णा करुनेश का कहना है कि अधिकतर तालाबों को कब्जामुक्त करा लिया गया है। यदि कहीं लोगों ने दोबारा कब्जा किया है तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार का कहना है कि जिले में 90 प्रतिशत तालाब कब्जामुक्त हो चुके हैं। कुछ तालाब की सही स्थिति के बारे में जानकारी न होने पर समस्या है। उनका कहना है कि उनके स्तर से तालाबों पर कब्जामुक्त कार्य गंभीरता से पूरा किया गया है। हालांकि लोगों को शिकायत है तो उसकी जांच कराकर तालाबों को पूर्णतया कब्जामुक्त कराया जाएगा।