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गांव पहुंचकर सबसे पहले किया मातृ भूमि का नमन
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गांव पहुंचकर सबसे पहले किया मातृ भूमि का नमन
हापुड़। गांव काठीखेड़ा की बेटी स्नेह और बहू सुमन ने गांव पहुंचकर सबसे पहले गांव की भूमि को नमन किया। इसके बाद ही वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। इस दौरान गांव काठीखेड़ा के लोगों में जबरदस्त जोश दिखाई दिया।
जिले का नाम विश्वपटल पर रोशन करने वाली स्नेह और सुमन में अपने गांव के लिए विशेष श्रद्धा देखने को मिला। घंटों स्वागत और लंबे जुलूस के बाद उनके गांव काठीखेड़ा पहुंचने पर ग्रामीणों में गजब का जोश था। हापुड़ से ही डीजे और ढोल नगाड़ों के साथ उन्हें गांव तक ले जाया गया। इस दौरान देशभक्ति संगीत ने युवाओं का जोश और बढ़ा दिया। गांव पहुंचने पर सैंकड़ों ग्रामीणों की भीड़ उनकी अगुवाई करने के लिए उमड़ पड़ी। गांव पहुंचने पर स्नेह और सुमन ने आस्कर अवार्ड को बाहर निकालकर ऊपर उठाते हुए दिखाया तो ग्रामीणों ने जयकारे लगाने शुरू कर दिये। युवा मस्ती और जोश में झूम उठे तो बुजुर्गों ने आशीर्वाद देने के लिए अपने हाथ ऊपर उठा लिए। कार से उतरकर स्नेह और सुमन गांव के गेट तक पहुंची और झुककर गांव की मिट्टी और भूमि को नमन किया। इसके बाद ही वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।
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हापुड़। गांव काठीखेड़ा की बेटी स्नेह और बहू सुमन ने गांव पहुंचकर सबसे पहले गांव की भूमि को नमन किया। इसके बाद ही वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। इस दौरान गांव काठीखेड़ा के लोगों में जबरदस्त जोश दिखाई दिया।
जिले का नाम विश्वपटल पर रोशन करने वाली स्नेह और सुमन में अपने गांव के लिए विशेष श्रद्धा देखने को मिला। घंटों स्वागत और लंबे जुलूस के बाद उनके गांव काठीखेड़ा पहुंचने पर ग्रामीणों में गजब का जोश था। हापुड़ से ही डीजे और ढोल नगाड़ों के साथ उन्हें गांव तक ले जाया गया। इस दौरान देशभक्ति संगीत ने युवाओं का जोश और बढ़ा दिया। गांव पहुंचने पर सैंकड़ों ग्रामीणों की भीड़ उनकी अगुवाई करने के लिए उमड़ पड़ी। गांव पहुंचने पर स्नेह और सुमन ने आस्कर अवार्ड को बाहर निकालकर ऊपर उठाते हुए दिखाया तो ग्रामीणों ने जयकारे लगाने शुरू कर दिये। युवा मस्ती और जोश में झूम उठे तो बुजुर्गों ने आशीर्वाद देने के लिए अपने हाथ ऊपर उठा लिए। कार से उतरकर स्नेह और सुमन गांव के गेट तक पहुंची और झुककर गांव की मिट्टी और भूमि को नमन किया। इसके बाद ही वे कार्यक्रम स्थल पर पहुंची।
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