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गढ़ गंगा मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखने पर विशेष ध्यान
Updated Thu, 15 Nov 2018 11:57 PM IST
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गढ़ गंगा मेला क्षेत्र को स्वच्छ रखने पर विशेष ध्यान
हापुड़। गढ़ गंगा के कार्तिक पूर्णिमा मेले को सरकारी मेला होने का दर्जा प्राप्त होने के बाद कई परिवर्तन सामने आए हैं। वैसे भी इस बारे में मेले में मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के बाद से जिला प्रशासन और जिला पंचायत के अधिकारी तमाम व्यवस्थाओं के साथ ही वहां स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस मेले का आयोजन में जिला पंचायत सड़कों, घाटों लाइट आदि की व्यवस्था करती है। सफाई पर भी ध्यान दिया जाता है। लेकिन इस बार मेले में प्रतिदिन सफाई पर ध्यान पहले से अधिक दिया जाएगा। ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे और कहीं भी गंदगी के ढेर नजर नहीं आए। इतना ही नहीं महिला पुरुष को मेला क्षेत्र में शौच आदि के लिए खुले में नहीं जाना पड़े। आसपास के जिलों की नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतों से करीब 50 चलित शौचालय मंगाए गए हैं। इन शौचालयों में पानी की व्यवस्था के लिए साथ में पानी के टैंक लगे होते हैं और एक तरफ महिलाओं के लिए जबकि दूसरी तरफ पुरुषों के लिए शौचालय बने होते हैं। इतना ही नहीं अस्थाई शौचालय भी बनाए जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष अमृता कुमार का कहना है कि इस बार गढ़ गंगा मेला का स्वरूप ऐतिहासिक होगा और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ब्यूरो
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हापुड़। गढ़ गंगा के कार्तिक पूर्णिमा मेले को सरकारी मेला होने का दर्जा प्राप्त होने के बाद कई परिवर्तन सामने आए हैं। वैसे भी इस बारे में मेले में मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के बाद से जिला प्रशासन और जिला पंचायत के अधिकारी तमाम व्यवस्थाओं के साथ ही वहां स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। इस मेले का आयोजन में जिला पंचायत सड़कों, घाटों लाइट आदि की व्यवस्था करती है। सफाई पर भी ध्यान दिया जाता है। लेकिन इस बार मेले में प्रतिदिन सफाई पर ध्यान पहले से अधिक दिया जाएगा। ताकि मेले में स्वच्छता बनी रहे और कहीं भी गंदगी के ढेर नजर नहीं आए। इतना ही नहीं महिला पुरुष को मेला क्षेत्र में शौच आदि के लिए खुले में नहीं जाना पड़े। आसपास के जिलों की नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतों से करीब 50 चलित शौचालय मंगाए गए हैं। इन शौचालयों में पानी की व्यवस्था के लिए साथ में पानी के टैंक लगे होते हैं और एक तरफ महिलाओं के लिए जबकि दूसरी तरफ पुरुषों के लिए शौचालय बने होते हैं। इतना ही नहीं अस्थाई शौचालय भी बनाए जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष अमृता कुमार का कहना है कि इस बार गढ़ गंगा मेला का स्वरूप ऐतिहासिक होगा और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अधिक से अधिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ब्यूरो