फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   छोइया नाले से प्रदूषण के खिलाफ श्यामनगर के किसानों का बिगुल

छोइया नाले से प्रदूषण के खिलाफ श्यामनगर के किसानों का बिगुल

Tue, 27 Mar 2018 11:57 PM IST
Updated Tue, 27 Mar 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
छोइया नाले से प्रदूषण के खिलाफ   श्यामनगर के किसानों का बिगुल
छोइया नाले में प्रदूषण के खिलाफ किसानों ने फूंका बिगुल
विज्ञापन


हापुड़। छोइया नाले से श्यामनगर का जल प्रदूषित होने के खिलाफ किसानों ने बिगुल बजा दिया है। यही नहीं एचपीडीए की आवासीय योजना के लिए वर्ष 2006 में भूमि का अधिग्रहण करने के बाद गांव का विकास नहीं करानेे आदि समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
श्यामनगर के पूर्व प्रधान राजवीर सिंह भाटी के नेतृत्व में मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने वर्ष 2006 में गांव की जमीन का अधिग्रहण करते समय वादा किया था कि गांव को प्राधिकरण गोद ले रहा है ताकि गांव का चौतरफा विकास किया जा सके।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा कि प्राधिकरण ने गांव का विकास तो कराया नहीं, उलटे गांव के पास एक बिल्डर की 36 बीघा जमीन पर बने तालाब में छोइया नाले का प्रदूषित पानी भरने से भी नहीं रुकवाया। इसके परिणामस्वरूप गांव और आसपास का भूगर्भ जल प्रदूषित ही नहीं बल्कि जहरीला भी हो गया है। इससे गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण कैंसर जैसे भयंकर रोग से पीड़ित है। इस बीमारी से कई की तो मौत भी हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने डीएम प्रमोद कुमार उपाध्याय को अवगत कराया कि गांव का विकास तो किया ही नहीं गया, गांव के सभी संपर्क मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। प्राधिकरण ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। प्रीत विहार में किसानों को दुकान बनाने को दी गयी जमीन ऐसे स्थान पर दी गई जहां भयंकर गंदगी है। परिणामस्वरूप वहां दुकानों का निर्माण नहीं हो सका। अब प्राधिकरण 15 वर्षों का विलंब दंड वसूलने की धमकी दे रहा है।
ग्रामीणों ने उक्त समस्याओं का समाधान कराने तथा छोइया पर प्राधिकरण से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगवाए जाने और आवंटित भूखंडों पर विलंब शुल्क नहीं लिये जाने के प्राधिकरण को निर्देश दिये जाने डीएम से मांग की। किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोग आंदोलन करेंगे। डीएम द्वारा आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।

मांग करने वालों में जयकरण सिंह भाटी, मंगतू सिंह, सियानन्द त्यागी, सुरेन्द्र, ज्ञानेन्द्र, किरण सिंह, रामपाल, सरपाल, भोपाल, राम सिंह, रूपचंद, समय सिंह, राजेन्द्र, धर्मेन्द्र, अजीपाल आदि शामिल थे।
शिकायती पत्र आने पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। गांव को गोद लिये जाने की बात 2006 की बताई गयी है, तब प्राधिकरण में दूसरे अधिकारी तैनात थे।
-गया प्रसाद (आईएएस)-उपाध्यक्ष, हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed