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बुखार से पीड़ित सर्कस संचालिका की मौत हुई
Updated Sat, 12 Aug 2017 11:44 PM IST
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बुखार से पीड़ित सर्कस संचालिका की मौत
- इलाज के दौरान मेरठ के निजी अस्पताल में तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। बुखार से पीड़ित चल रही सर्कस संचालिका की इलाज के दौरान मेरठ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। गढ़ कस्बे में तीन दिन के भीतर बुखार में जान गंवाने की संख्या अब दो हो गई है।
बाढ़ से खादर के गांवों में फैल रहा बुखार का प्रकोप थमने का नहीं ले रहा है। वहीं, गढ़ में भी वायरल फीवर, डायरिया, आई फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी तेजी से पांव पसार रही हैं। मदरसा में बुखार से पीड़ित चल रही सर्कस संचालिका मुनमुन खान (45) की हालत बिगड़ने पर दो दिन पहले मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन शनिवार तड़के उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि मुनमुन डायबिटीज समेत दिल और गुर्दों की बीमारी से भी पीड़ित थीं। इससे पहले 10 अगस्त को अहाता बस्तीराम में मजदूर धर्मपाल सिंह की बेटी पूनम की बुखार से मौत हो चुकी है।
सीएचसी के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. एसके तेवतिया का कहना है कि अस्पताल में इलाज न होने से सर्कस संचालिका की बुखार से मौत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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एसडीएम मीनू राणा का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप रोकने के लिए पालिका प्रशासन को नियमित रूप में फॉगिंग कराने के साथ साफ सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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- इलाज के दौरान मेरठ के निजी अस्पताल में तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। बुखार से पीड़ित चल रही सर्कस संचालिका की इलाज के दौरान मेरठ के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। गढ़ कस्बे में तीन दिन के भीतर बुखार में जान गंवाने की संख्या अब दो हो गई है।
बाढ़ से खादर के गांवों में फैल रहा बुखार का प्रकोप थमने का नहीं ले रहा है। वहीं, गढ़ में भी वायरल फीवर, डायरिया, आई फ्लू जैसी संक्रामक बीमारी तेजी से पांव पसार रही हैं। मदरसा में बुखार से पीड़ित चल रही सर्कस संचालिका मुनमुन खान (45) की हालत बिगड़ने पर दो दिन पहले मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन शनिवार तड़के उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि मुनमुन डायबिटीज समेत दिल और गुर्दों की बीमारी से भी पीड़ित थीं। इससे पहले 10 अगस्त को अहाता बस्तीराम में मजदूर धर्मपाल सिंह की बेटी पूनम की बुखार से मौत हो चुकी है।
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सीएचसी के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. एसके तेवतिया का कहना है कि अस्पताल में इलाज न होने से सर्कस संचालिका की बुखार से मौत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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एसडीएम मीनू राणा का कहना है कि मच्छरों का प्रकोप रोकने के लिए पालिका प्रशासन को नियमित रूप में फॉगिंग कराने के साथ साफ सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।