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चेतावनी का निशान पार करने के बाद गंगा खतरे की तरफ बढ़ रही
Updated Tue, 14 Aug 2018 11:44 PM IST
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सिर्फ 13 सेंटीमीटर दूर ‘खतरा’
- पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश से क्षेत्र में उफान पर गंगा
- बिजनौर बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा है पानी
- खादर क्षेत्र के गांवों में दहशत का माहौल, खेतों में भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश के चलते बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। इससे गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। मंगलवार को नदी खतरे के निशान से महज 13 सेंटीमीटर दूर थी।
पहाड़ों पर हो रही झमाझम बारिश का कहर मैदानों से जुड़े खादर के इलाके को बुरी तरह रुला रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से गंगा नदी ने रौद्र रूप धारण कर गढ़ खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के हजारों बीघा निचले जंगल को चौतरफा घेर लिया है। गंगा के जलस्तर में तेजी के साथ बढ़ोतरी होने का सिलसिला जारी है। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों कहना है कि ब्रजघाट गंगा का जलस्तर 198.53 मीटर वाले चेतावनी के निशान को पार कर मंगलवार की शाम को 198.60 मीटर (समुद्र तल) पर पहुंच चुका है। इससे खतरे का निशान (198.73 मीटर) अब महज 13 सेंटीमीटर दूर रह गया है।
संपर्क मार्ग डूबे, आवागमन प्रभावित
खादर के हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से फसलों पर संकट मंडरा रहा है। वहीं निचले स्थान वाले संपर्क रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो गया है। गंगा के उफान पर पहुंचने से गढ़ खादर क्षेत्र में गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, रामपुर न्यामतपुर, काकाठेर मंढैया, कुदैनी वाली मंढैया, रामसिंह मंढैया समेत 15 से गांवों के निचले जंगल समेत खेत चौतरफा पानी से घिर गए हैं। इनमें बर्बादी होने से किसान बुरी तरह सहमे हुए हैं। वहीं जंगल से लेकर निचले रास्तों पर पानी भरने से हजारों ग्रामीणों का आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं बिजनौर बैराज से मंगलवार शाम एक लाख 38 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके बुधवार की शाम तक ब्रजघाट पहुंचने पर जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
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कोट
बाढ़ की आशंका के चलते बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तहसील प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। - ज्योति राय, एसडीएम
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सिर्फ 13 सेंटीमीटर दूर ‘खतरा’
- पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश से क्षेत्र में उफान पर गंगा
- बिजनौर बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा है पानी
- खादर क्षेत्र के गांवों में दहशत का माहौल, खेतों में भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश के चलते बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी है। इससे गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। मंगलवार को नदी खतरे के निशान से महज 13 सेंटीमीटर दूर थी।
पहाड़ों पर हो रही झमाझम बारिश का कहर मैदानों से जुड़े खादर के इलाके को बुरी तरह रुला रहा है। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से गंगा नदी ने रौद्र रूप धारण कर गढ़ खादर क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के हजारों बीघा निचले जंगल को चौतरफा घेर लिया है। गंगा के जलस्तर में तेजी के साथ बढ़ोतरी होने का सिलसिला जारी है। केंद्रीय जल आयोग के सूत्रों कहना है कि ब्रजघाट गंगा का जलस्तर 198.53 मीटर वाले चेतावनी के निशान को पार कर मंगलवार की शाम को 198.60 मीटर (समुद्र तल) पर पहुंच चुका है। इससे खतरे का निशान (198.73 मीटर) अब महज 13 सेंटीमीटर दूर रह गया है।
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संपर्क मार्ग डूबे, आवागमन प्रभावित
खादर के हजारों बीघा निचले जंगल में पानी भरने से फसलों पर संकट मंडरा रहा है। वहीं निचले स्थान वाले संपर्क रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो गया है। गंगा के उफान पर पहुंचने से गढ़ खादर क्षेत्र में गड़ावली, लठीरा, नयाबांस, आरकपुर, बख्तावरपुर, रामपुर न्यामतपुर, काकाठेर मंढैया, कुदैनी वाली मंढैया, रामसिंह मंढैया समेत 15 से गांवों के निचले जंगल समेत खेत चौतरफा पानी से घिर गए हैं। इनमें बर्बादी होने से किसान बुरी तरह सहमे हुए हैं। वहीं जंगल से लेकर निचले रास्तों पर पानी भरने से हजारों ग्रामीणों का आवागमन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वहीं बिजनौर बैराज से मंगलवार शाम एक लाख 38 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके बुधवार की शाम तक ब्रजघाट पहुंचने पर जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
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बाढ़ की आशंका के चलते बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तहसील प्रशासन बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। - ज्योति राय, एसडीएम