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किसानों के हंगामे के बाद भूखण्डों का ड्रा स्थगित
Updated Wed, 21 Mar 2018 12:08 AM IST
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किसानों के हंगामे के बाद भूखंडों का ड्रा स्थगित
हापुड़। भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को 6 प्रतिशत विकसित भूमि के भूखंडों का मंगलवार को किसानों के विरोध पर एचपीडीए सभागार में ड्रा स्थगित कर दिया गया। अब प्राधिकरण ने 25 मार्च तक आपत्ति दाखिल करने और उसके बाद ड्रा के लिए नई तिथि घोषित करने की घोषणा की।
प्रीत विहार विस्तार योजना में किसानों की कृषि भूमि को प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहण किया गया था। उस समय किसानों को प्राधिकरण ने 6 प्रतिशत विकसित भूमि देने का आश्वासन दिया था, लेकिन भूमि न मिलने के बाद किसान आंदोलनरत थे।
इस संबंध में कई बार धरने प्रदर्शन किए गए। उसके बाद प्राधिकरण ने 20 मार्च को ड्रा करने की तारीख घोषित कर दी। मंगलवार को प्राधिकरण के सभागार में ड्रा की शुरूआत की गयी, लेकिन इससे किसान संतुष्ट नहीं थे।
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अखिल भारतीय पंचायत संगठन के प्रांतीय महामंत्री राजवीर सिंह भाटी ने कहा कि ड्रा किसानों के साथ मात्र धोखा है। किसानों की भूमि को टुकड़ों में बांटा गया है। कांति प्रसाद त्यागी को 90 मीटर भूमि दी जानी है। जबकि उसे एक प्लाट न देकर छोटे छोटे 30-30 मीटर के प्लाट दिए गए हैं। ज्यादातर किसानों को छोटे-छोटे प्लाटों का आवंटन किया जा रहा था जो कि किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि योजना बनाते समय किसानों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया है। उसके बाद किसानों ने हंगामा करते हुए ड्रा का बहिष्कार कर दिया। प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 25 मार्च तक किसानों की आपत्तियां लेकर ड्रा के लिए नई तिथि घोषित की जाएगी।
ड्रा के दौरान एसडीएम ज्योति राय, तहसीलदार केके सिंह, प्रभात पाल आदि मौजूद रहे। जबकि किसानों में पप्पी चौधरी, गंगाशरण, जयवीर सिंह, प्रिंस, सुधाकर, राकेश, रामसिंह, मनोज त्यागी, ओमप्रकाश, महेश त्यागी, प्यारे, ब्रह्मपाल, रामपाल सतपाल आदि लोग उपस्थित थे।
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हापुड़। भू-अर्जन से प्रभावित किसानों को 6 प्रतिशत विकसित भूमि के भूखंडों का मंगलवार को किसानों के विरोध पर एचपीडीए सभागार में ड्रा स्थगित कर दिया गया। अब प्राधिकरण ने 25 मार्च तक आपत्ति दाखिल करने और उसके बाद ड्रा के लिए नई तिथि घोषित करने की घोषणा की।
प्रीत विहार विस्तार योजना में किसानों की कृषि भूमि को प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहण किया गया था। उस समय किसानों को प्राधिकरण ने 6 प्रतिशत विकसित भूमि देने का आश्वासन दिया था, लेकिन भूमि न मिलने के बाद किसान आंदोलनरत थे।
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इस संबंध में कई बार धरने प्रदर्शन किए गए। उसके बाद प्राधिकरण ने 20 मार्च को ड्रा करने की तारीख घोषित कर दी। मंगलवार को प्राधिकरण के सभागार में ड्रा की शुरूआत की गयी, लेकिन इससे किसान संतुष्ट नहीं थे।
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अखिल भारतीय पंचायत संगठन के प्रांतीय महामंत्री राजवीर सिंह भाटी ने कहा कि ड्रा किसानों के साथ मात्र धोखा है। किसानों की भूमि को टुकड़ों में बांटा गया है। कांति प्रसाद त्यागी को 90 मीटर भूमि दी जानी है। जबकि उसे एक प्लाट न देकर छोटे छोटे 30-30 मीटर के प्लाट दिए गए हैं। ज्यादातर किसानों को छोटे-छोटे प्लाटों का आवंटन किया जा रहा था जो कि किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि योजना बनाते समय किसानों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया है। उसके बाद किसानों ने हंगामा करते हुए ड्रा का बहिष्कार कर दिया। प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 25 मार्च तक किसानों की आपत्तियां लेकर ड्रा के लिए नई तिथि घोषित की जाएगी।
ड्रा के दौरान एसडीएम ज्योति राय, तहसीलदार केके सिंह, प्रभात पाल आदि मौजूद रहे। जबकि किसानों में पप्पी चौधरी, गंगाशरण, जयवीर सिंह, प्रिंस, सुधाकर, राकेश, रामसिंह, मनोज त्यागी, ओमप्रकाश, महेश त्यागी, प्यारे, ब्रह्मपाल, रामपाल सतपाल आदि लोग उपस्थित थे।