{"_id":"59d674634f1c1bdb538b5e3c","slug":"101507226723-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव काठीखेड़ा के 57 किसान रह गये ऋण माफी योजना से वंचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव काठीखेड़ा के 57 किसान रह गये ऋण माफी योजना से वंचित
Updated Thu, 05 Oct 2017 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋण माफी की सूची में खेल, 57 किसान फेल
हापुड़। काठीखेड़ा गांव के 57 किसान बैंक अफसरों की अनदेखी से फसली ऋण विमोचन योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। दरअसल, बैंक की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में से सिर्फ 1.2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को पात्र माना गया है। जबकि शासनादेशासनुसार दो हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को पात्रता की सूची में रखा जाना था। अब स्थानीय अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, परेशान ग्रामीणों ने राहत न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
काठीखेड़ा के ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसानों ने मीरपुर स्थित सर्व ग्रामीण यूपी बैंक से फसली ऋण लिया था। शासन ने दो हेक्टेयर के कास्तकारों तक का एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने का आदेश दिया था। जिले के करीब 44 हजार किसानों का ऋण भी माफ हुआ है।
उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों ने उनके गांव से सिर्फ 1.2 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों की सूची ही शासन को भेजी है। दो हेक्टेयर तक के ऐसे करीब 57 किसान बैंक अफसरों की इस लापरवाही के कारण इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं। अब बैंक अफसरों से शिकायत करने पर वह कृषि विभाग के पास टरका दे रहे हैं। कृषि अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने चेतावनी दी है कि जल्द उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो वह आत्मदाह करेंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी। जिला कृषि शिवकुमार का कहना है कि बैंक के स्तर से यह लापरवाही हुई है। ऐसे किसानों की सूची को बैंक कर्मियों ने जोनल अधिकारियों को भेजा जाना चाहिए। वहां से प्रदेश स्तर के अधिकारियों पर सूची जाएगी, वहीं से शासन की पात्रता सूची में किसानों को शामिल किया जाएगा। वह अपने स्तर से शासन से आयी सूची में कोई परिवर्तन नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
हापुड़। काठीखेड़ा गांव के 57 किसान बैंक अफसरों की अनदेखी से फसली ऋण विमोचन योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। दरअसल, बैंक की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में से सिर्फ 1.2 हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को पात्र माना गया है। जबकि शासनादेशासनुसार दो हेक्टेयर जमीन वाले किसानों को पात्रता की सूची में रखा जाना था। अब स्थानीय अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, परेशान ग्रामीणों ने राहत न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
काठीखेड़ा के ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने बताया कि उनके गांव के किसानों ने मीरपुर स्थित सर्व ग्रामीण यूपी बैंक से फसली ऋण लिया था। शासन ने दो हेक्टेयर के कास्तकारों तक का एक लाख रुपये तक का ऋण माफ करने का आदेश दिया था। जिले के करीब 44 हजार किसानों का ऋण भी माफ हुआ है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि बैंक अधिकारियों ने उनके गांव से सिर्फ 1.2 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों की सूची ही शासन को भेजी है। दो हेक्टेयर तक के ऐसे करीब 57 किसान बैंक अफसरों की इस लापरवाही के कारण इस योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए हैं। अब बैंक अफसरों से शिकायत करने पर वह कृषि विभाग के पास टरका दे रहे हैं। कृषि अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
विज्ञापन
ग्राम प्रधान राजपाल सिंह ने चेतावनी दी है कि जल्द उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हुआ तो वह आत्मदाह करेंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी। जिला कृषि शिवकुमार का कहना है कि बैंक के स्तर से यह लापरवाही हुई है। ऐसे किसानों की सूची को बैंक कर्मियों ने जोनल अधिकारियों को भेजा जाना चाहिए। वहां से प्रदेश स्तर के अधिकारियों पर सूची जाएगी, वहीं से शासन की पात्रता सूची में किसानों को शामिल किया जाएगा। वह अपने स्तर से शासन से आयी सूची में कोई परिवर्तन नहीं कर सकते हैं।