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Hamirpur News: जातिसूचक गालियां देने व पीटने के दो दोषियों को चार-चार साल की सजा
Fri, 27 Feb 2026 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
Updated Fri, 27 Feb 2026 12:10 AM IST
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हमीरपुर। एससीएसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश रनवीर सिंह की अदालत ने घर में घुसकर मारपीट करने और जातिसूचक गालियां देने के मामले में फैसला सुनाया है। दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए चार-चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार राठ थाना क्षेत्र के ग्राम सैदपुर छत्रपाल ने पुलिस को सूचना दी थी। बताया था कि 27 सितंबर 2017 की रात करीब 10 बजे गब्बर और लखनलाल तमंचा लेकर उसके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए पीटने लगे। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कट्टा की बट और लोहे के सरिया से हमला कर दिया, इससे उसे गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी तमंचा लहराते हुए धमकी देकर भाग निकले। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोषी गब्बर उर्फ अश्वनी और लखनलाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के तहत चार-चार वर्ष के कठोर कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
दोनों दोषियों को धारा 504 के तहत एक-एक वर्ष का कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड, तथा धारा 506 के तहत दो-दो वर्ष का कठोर कारावास और दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) के तहत भी दोनों को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। साथ ही दोनों को ही क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये वादी को देने का भी आदेश दिया है।
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जानकारी के अनुसार राठ थाना क्षेत्र के ग्राम सैदपुर छत्रपाल ने पुलिस को सूचना दी थी। बताया था कि 27 सितंबर 2017 की रात करीब 10 बजे गब्बर और लखनलाल तमंचा लेकर उसके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए पीटने लगे। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कट्टा की बट और लोहे के सरिया से हमला कर दिया, इससे उसे गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी तमंचा लहराते हुए धमकी देकर भाग निकले। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोषी गब्बर उर्फ अश्वनी और लखनलाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के तहत चार-चार वर्ष के कठोर कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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दोनों दोषियों को धारा 504 के तहत एक-एक वर्ष का कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड, तथा धारा 506 के तहत दो-दो वर्ष का कठोर कारावास और दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) के तहत भी दोनों को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। साथ ही दोनों को ही क्षतिपूर्ति के रूप में 25 हजार रुपये वादी को देने का भी आदेश दिया है।