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बुखार से दो ने दम तोड़ा

Fri, 09 Sep 2016 11:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर Updated Fri, 09 Sep 2016 11:35 PM IST
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Two died from fever
सुमेरपुर के प्रा.स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला

भरुआ सुमेरपुर/गोहांड (हमीरपुर)। सुमेरपुर कस्बे में नईबस्ती निवासी 55 वर्षीय वृद्ध और गोहांड कस्बे में बुखार से पीड़ित सात वर्षीय बच्ची आकांक्षा की शुक्रवार को मौत हो गई। इन दिनों पूरे जिले में लोग बुखार, चिगनगुनिया और डंगू से पीड़ित हो रहे हैं। इसीलिए अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। सुमेरपुर कस्बे के नई बस्ती में गुटखा फैक्ट्री के निकट मलखान चौरसिया (55) की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। क्षेत्र में बुखार से मरने वालों की संख्या अब तक पांच हो गई है। इसका इलाज कस्बे के एक प्राइवेट चिकित्सक से कराया जा रहा था। बीती रात इसे तेज बुखार आया और उसके बाद घर में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया। उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके कोई औलाद नहीं है। अब वायरल के साथ-साथ मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया तेजी से फैल रहा है।

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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार क्षेत्र के सैकड़ाें लोगों में मलेरिया बुखार के लक्षण पाए गए हैं। डेंगू से धनपुरा, खड़ेहीजार आदि गांवों में मौतें हो चुकी हैं। बिदोखर मेंदनी में महेश कुमार तिवारी, बरदानी प्रजापति का पुत्र डेंगू से ग्रसित होकर कानपुर में इलाज करवा रहे हैं। इसके अलावा रणधीर सिंह को मलेरिया बुखार से ग्रसित हैं। गांव में बुखार के पैर पसारने से लोग दहशतजदा हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को इलाज कराने के लिए आए सुरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि उसके नौ वर्षीय पुत्र को तीन दिनों से बुखार है। घंटाें इंतजार करने के बाद उसे इलाज मिल पाया है। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकाें की कमी के कारण मरीजों को झोलाछाप व अन्य प्राइवेट चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारी डा. अमित सिंह ने बताया कि डा. परवेज कादिरी व वह स्वयं मरीजों को देख रहे हैं। साथ ही बताया कि चिकित्साधिकारी होने के कारण सरकारी कार्याें के साथ मेडिकोलीगल कार्य भी निपटाने पड़ते हैं। उन्होंने अस्पताल में और चिकित्सक होने की बात कही। गोहांड के कैलाश पटेल निवासी आकांक्षा (7) के पिता रामसिंह अहिरवार ने बताया कि उसे तीन चार दिन से बुखार आ रहा था जिसका इलाज प्राइवेट चिकित्सकों से होता रहा। हालत में सुधार न होने पर इलाज के लिए झांसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।

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