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Hamirpur News: झमाझम बारिश, गांव से शहर तक जलभराव

Thu, 27 Aug 2026 12:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:08 AM IST
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Torrential rain; waterlogging from villages to cities.
फोटो- 26 एचएएमपी 36- राठ के औंडेरा गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद
हमीरपुर। झमाझम बारिश से जहां तिल की फसल प्रभावित हो रही है वहीं 24 घंटे में जिले भर में 109 मिमी बारिश से गांव शहर पानी-पानी नजर आए। शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बारिश से खासा परेशान नजर आए। जिला प्रशासन ने भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
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मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में सदर तहसील में 55 एमएम, मौदहा 52 एमएम और राठ में 220 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जिले भर में कुल 109 एमएम औसतन बारिश दर्ज की गई है। बुधवार को एक डिग्री की बढ़ोतरी के साथ अधिकतम पारा 31.2 और न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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दैवी आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार सचेत एप के माध्यम से मिली जानकारी के मुताबिक अगले 24 घंटों में औरैया, इटावा, हमीरपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा के कुछ स्थानों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके चलते जिले में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अगले 24 घंटे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पेड़ों, बिजली पोलों, खुले स्थानों से दूर रहने, मोबाइल फोन का उपयोग कम करने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।
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सूखे के चलते इस बार किसानों ने तिल की फसल अधिक मात्रा में बोई है। निचले इलाकों में जहां जलभराव की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे स्थानों में तिल की फसल प्रभावित हो सकती है। किसान 31 अगस्त तक फसलों का बीमा अवश्य करा लें। जिन किसानों की फसलें प्रभावित हैं, वह फसल बीमा के टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत अवश्य दर्ज करा दें, जिससे उन्हें फसल क्षतिपूर्ति का लाभ दिलाया जा सके। -डॉ. हरिशंकर, जिला कृषि अधिकारी।

आगामी 24 घंटे भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके चलते रेड अलर्ट घोषित किया गया। बारिश खत्म होने के बाद प्रभावित फसलों का सर्वे कराया जाएगा। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील भी की गई है। -राकेश कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व।

कई मोहल्लों में कई मोहल्लों में घुटनों तक जलभराव

राठ। लगातार बारिश से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का भराव हो रहा है। मंगलवार रात हुई बारिश से कई मोहल्लों में पानी भर गया। इससे लोग परेशान नजर आए। नगर पालिका कर्मी रात-दिन पानी निकासी के लिए जुटे हुए हैं। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश से नगर के औंडेरा रोड, अतरौलिया, पठानपुरा, चरखारी रोड, अंबे पैलेस के पीछे नई बस्ती में घुटनों से पानी भर गया। बारिश से जिला पंचायत अध्यक्ष जयंती राजपूत का आवास भी पानी से लबालब भर गया।क्षेत्र के औड़ेरा गांव निवासी अलखराम राजपूत, नवल किशोर, गोविंददास अहिरवार, भगीरथ, जयप्रकाश, पुष्पेंद्र, नरेंद्र, सुनील, छत्रपाल, जयहिंद, भीम, मंगल आदि ने बताया कि नहर का जलस्तर यदि तीन से चार इंच और बढ़ा तो पानी पटरी के ऊपर से बहने लगेगा। ऐसी स्थिति में नहर की पटरी टूटने पर गांव में पानी घुस सकता है। इससे बड़े नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों ने खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद होने की आशंका जताई है।

लगातार बारिश से पुराना कुआं धंसा
बिवांर। बीते तीन दिनों से हो रही लगातार बरसात ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। कस्बा स्थिति पठकाना मोहल्ला को जाने वाले मुख्य मार्ग पर घुटनों तक पानी भर गया। इससे मोहल्ले के लोगों को दूसरे मोहल्लों से घूमकर आना-जाना पड़ रहा है। वहीं लोदीपुर गांव की हरिजन बस्ती में बना लगभग आठ दशक पुराना कुआं बरसात में भरभराकर बैठ गया। पठकाना निवासी राजेश पाठक, आनंद पाठक, पवन पाठक, संतोष कुमार, राजकुमार, अरविंद आदि ने बताया कि यह हर साल की समस्या है। पठकाना और बंधी मोहल्ले के बीच बने पुराने कजिलिया तालाब के पानी की निकासी की व्यवस्था न होने से ओवरफ्लो होकर पानी घरों और रास्तों पर भर जाता है।

बारिश से सात मकान ढहे, गरीब परिवारों को सिर ढकने का संकट
भरुआ सुमेरपुर। लगातार हो रही तेज बारिश गरीब परिवारों के लिए आफत बन गई है। गांवों में कई कच्चे मकान भरभराकर ढह गए हैं। इससे दर्जनों परिवारों के सामने सिर ढकने का संकट खड़ा हो गया है।

बारिश के कारण इंगोहटा निवासी राधेश्याम वर्मा पूरा मकान ढह गया। वहीं गांव के राम सहोदर विश्वकर्मा, मनोज नामदेव, बऊरा गिहार, महेश उर्फ जंगली नामदेव, जमुनिया का अटारी वाला मकान और राम सिंह खेंगर समेत दर्जनों ग्रामीणों के आशियाने भी जमींदोज हो गए हैं। मकान गिरने से ग्रामीणों की गृहस्थी का सामान भी मलबे में दबकर खराब होने की आशंका है। विदोखर और मवईजार गांवों में भी लगातार बारिश के चलते कई कच्चे मकानों के गिरने की सूचनाएं सामने आई हैं। प्रभावित परिवारों के सामने अब सिर छिपाने के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गुरुप्रताप सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बारिश से क्षतिग्रस्त मकानों का लेखपाल सर्वे कर रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। गोहांड संवाद के अनुसार तेज बारिश के चलते कस्बा निवासी राजकुमार राजपूत की कच्ची अटारी भरभराकर गिर गई। इससे उसमें रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। (संवाद)

फोटो- 26 एचएएमपी 36- राठ के औंडेरा गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद

फोटो- 26 एचएएमपी 36- राठ के औंडेरा गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद

फोटो- 26 एचएएमपी 36- राठ के औंडेरा गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद

फोटो- 26 एचएएमपी 36- राठ के औंडेरा गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद

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