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शिक्षा से संवरेगा बेटियों का भविष्य
Mon, 11 Mar 2019 11:20 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
hamirpur
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Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 11 Mar 2019 11:20 PM IST
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अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं को शिक्षा के बारे में जागरूक करतीं अध्यापिका
- फोटो : amar ujala
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हमीरपुर। अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत सोमवार को मुस्करा ब्लाक के बसवारी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षा व स्वास्थ्य विषय पर परिचर्चा हुई। इसमें महिला टीचरों ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा कि महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षा से ही महिलाएं अपने अधिकारों को जान पाएंगी और हक पाने के लिए उनका इस्तेमाल कर सकेंगी। शिक्षा से उनका तो भविष्य संवरेगा, वो अपने परिवार का भी सही से पालन कर सकेंगी। उनका यह भी मानना है कि समाज में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा ही उन्हें पुरुष के बराबरी का हक दिलाएगी।
मुस्करा ब्लाक के बसवारी गांव के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एनपीआरसी प्रभारी आशा त्रिवेदी ने कहा कि महिलाएं ही बच्चों की प्रथम पाठशाला होती हैं। महिलाओं को शिक्षित व स्वास्थ्य होना जरूरी है। क्योंकि यही समाज को नई गति देने का काम करती है। इसी प्रकार सहायक अध्यापिका उमा शर्मा ने कहा कि महिलाओं में शिक्षा का अभाव है। शिक्षित न होने से महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होती है। जिस कारण वह योजनाओं से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा के साथ ही स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए। इस मौके पर अध्यापिका सुशीला देवी, शालनी, सीमा, दीप्ती गुप्ता, संध्या राजपूत व बृजकिशोरी राजपूत ने विचार व्यक्त किए।
मुस्करा ब्लाक के बसवारी गांव के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत एनपीआरसी प्रभारी आशा त्रिवेदी ने कहा कि महिलाएं ही बच्चों की प्रथम पाठशाला होती हैं। महिलाओं को शिक्षित व स्वास्थ्य होना जरूरी है। क्योंकि यही समाज को नई गति देने का काम करती है। इसी प्रकार सहायक अध्यापिका उमा शर्मा ने कहा कि महिलाओं में शिक्षा का अभाव है। शिक्षित न होने से महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं होती है। जिस कारण वह योजनाओं से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा के साथ ही स्वच्छता का भी ध्यान रखना चाहिए। इस मौके पर अध्यापिका सुशीला देवी, शालनी, सीमा, दीप्ती गुप्ता, संध्या राजपूत व बृजकिशोरी राजपूत ने विचार व्यक्त किए।
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