हमीरपुर। 11 वर्ष पूर्व जानलेवा हमले व मारपीट में अपर सत्र विशेष न्यायाधीश फौजदारी चंद्रभान सिंह की अदालत ने तीन भाइयों को एक वर्ष तक परवीक्षा अधिकारी की निगरानी में रहने की सजा सुनाई है। इन तीनों के अच्छे चाल-चलन पर सजा में राहत दी गई है।
बिवांर थानाक्षेत्र के सायर गांव निवासी पीड़ित मुन्ना सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 21 अप्रैल 2011 को रात आठ बजे वह गांव के बस स्टाप पर मौजूद था। तभी गांव निवासी आरोपी भूरा सिंह, जय सिंह व शिवकुमार सिंह असलहों से लैस होकर उसके घर के दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगे। लात मार घर का दरवाजा खोल दिया। उसकी पुत्री आरती, पूजा व पत्नी बाहर आई तो आरोपी उन्हें पीटने लगे। इसकी जानकारी पुत्री ने उसे फोन पर दी। वह बाइक से घर आ रहा था। वह बलवीर सिंह के दरवाजे के पास पहुंचा तो आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। इससे वह बाइक से गिर गया। किसी तरह जान बचाई। पुलिस ने जानलेवा हमला, मारपीट व गाली गलौज का मामला दर्ज किया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीराम बुंदेला व महेश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि अदालत ने तीनों आरोपियों को जानलेवा हमले के मामले में दोष सिद्ध करते हुए मारपीट व गाली गलौज के मामले में दोषी मानते हुए एक वर्ष तक निगरानी में रहने की सजा सुनाई है। बताया कि अदालत ने आरोपियों के अच्छे चाल चलन के चलते एक वर्ष तक परवीक्षा अधिकारी की निगरानी में रहेंगे।