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विवादित रास्ते में फाटक लगाने को लेकर दो पक्ष भिडे़
अमर उजाला ब्यूरो, हमीरपुर
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:44 PM IST
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राठ कस्बे में विवादित रास्ता जहां पर दो पक्ष भिडे़ और रास्ते में लगने वाला फाटक।
- फोटो : अमर उजाला
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कस्बे के पठनऊ मोहल्ले में रास्ते में दरवाजा लगाने के विवाद पर दो पक्ष पुलिस की मौजूदगी में आपस में भिड़ गए। जमकर मारपीट हुई। मामले की जांच करने दारोगा के साथ गए सिपाही से भी हाथापाई हुई। दरोगा ने किसी तरह से भागकर अफसरों को जानकारी दी। इस पर वहां पहुंचा भारी पुलिस बल लोगों को गिरफ्तार कर थाने ले गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही थी।
पठनऊ मोहल्ला निवासी रसूल पुत्र नजीर अहमद ने शनिवार को थाना दिवस के दौरान एसडीएम मोहम्मद रिजवान को एक प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उसके मकान से मुख्य मार्ग तक उसकी निजी भूमि है। उसका आरोप है कि पड़ोसी इस्लाम ने वहीं दरवाजा कर लिया और खिड़की लगवा ली है। इसी तरह सलीम ने भी खिड़की लगवा ली। इससे उसके घर की ओर जाने वाला रास्ता असुरक्षित हो गया।
तहरीर पर एसडीएम ने थानाध्यक्ष को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे थाने का एक दरोगा और एक सिपाही मामले की जांच करने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी बीच रास्ते में एक पक्ष लोहे का दरवाजा लगाने लगा। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा लगते देख दूसरे पक्ष में आक्रोश व्याप्त हो गया। कुछ ही देर में वहां मौजूद दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। कुछ लोगों ने सिपाही से भी हाथापाई की। दरोगा ने जब मारपीट होती देखी तो वह भी भाग खड़ा हुआ और पुलिस को सूचना दी। उपद्रव से लोगों में हड़कंप मच गया।
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सूचना पर तत्काल भारी पुलिस पहुंची। तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ। पुलिस ने एक पक्ष के चार और दूसरे पक्ष के दो लोगों को हिरासत में लिया है। कोतवाली के एसएसआई काशीनाथ उपाध्याय ने कहा कि दोनों पक्षों पर कार्रवाई की जा रही है। एक पक्ष की महिला शबाना पत्नी पप्पू ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में निर्माण कार्य होता रहा। पुलिस वहां पर बैठकर चाय नाश्ता करती रही और निर्माण कार्य चलता रहा।
एसएसआई काशीनाथ उपाध्याय ने बताया कि डेढ़ महीने पहले भी इसी रास्ते के विवाद को लेकर तनातनी हुई थी। तब कोतवाली के तत्कालीन एसएसआई अमर सिंह ने 145 सीआरपीसी की चालानी रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी थी। दोनों पक्षों के बीच शांति भंग होने का खतरा बताते हुए रिपोर्ट सौंपी थी। काशीनाथ उपाध्याय ने बताया कि इस विवादित रास्ते को लेकर एक भी पक्ष अदालत की शरण में नहीं गया।
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पठनऊ मोहल्ला निवासी रसूल पुत्र नजीर अहमद ने शनिवार को थाना दिवस के दौरान एसडीएम मोहम्मद रिजवान को एक प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि उसके मकान से मुख्य मार्ग तक उसकी निजी भूमि है। उसका आरोप है कि पड़ोसी इस्लाम ने वहीं दरवाजा कर लिया और खिड़की लगवा ली है। इसी तरह सलीम ने भी खिड़की लगवा ली। इससे उसके घर की ओर जाने वाला रास्ता असुरक्षित हो गया।
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तहरीर पर एसडीएम ने थानाध्यक्ष को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे थाने का एक दरोगा और एक सिपाही मामले की जांच करने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी बीच रास्ते में एक पक्ष लोहे का दरवाजा लगाने लगा। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा लगते देख दूसरे पक्ष में आक्रोश व्याप्त हो गया। कुछ ही देर में वहां मौजूद दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। कुछ लोगों ने सिपाही से भी हाथापाई की। दरोगा ने जब मारपीट होती देखी तो वह भी भाग खड़ा हुआ और पुलिस को सूचना दी। उपद्रव से लोगों में हड़कंप मच गया।
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सूचना पर तत्काल भारी पुलिस पहुंची। तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ। पुलिस ने एक पक्ष के चार और दूसरे पक्ष के दो लोगों को हिरासत में लिया है। कोतवाली के एसएसआई काशीनाथ उपाध्याय ने कहा कि दोनों पक्षों पर कार्रवाई की जा रही है। एक पक्ष की महिला शबाना पत्नी पप्पू ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में निर्माण कार्य होता रहा। पुलिस वहां पर बैठकर चाय नाश्ता करती रही और निर्माण कार्य चलता रहा।
एसएसआई काशीनाथ उपाध्याय ने बताया कि डेढ़ महीने पहले भी इसी रास्ते के विवाद को लेकर तनातनी हुई थी। तब कोतवाली के तत्कालीन एसएसआई अमर सिंह ने 145 सीआरपीसी की चालानी रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दी थी। दोनों पक्षों के बीच शांति भंग होने का खतरा बताते हुए रिपोर्ट सौंपी थी। काशीनाथ उपाध्याय ने बताया कि इस विवादित रास्ते को लेकर एक भी पक्ष अदालत की शरण में नहीं गया।