फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hamirpur News ›   The district continues to bloody street NH -86

जिले में खूनी सड़क बनी एनएच-86

Mon, 07 Nov 2016 11:23 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर Updated Mon, 07 Nov 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
The district continues to bloody street NH -86
नेशनल हाईवे पर चंदौखी गांव के निकट अति दुर्घटनाग्रस्त स्थल। - फोटो : amarujala

जिले में कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-86 में बीती रात चार युवकों की मौत हो गई। ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आरटीओ विभाग हाइवे में तीन दुर्घटना बाहुल्य स्थानों का चयन पहले ही कर चुका है और इस स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाने के लिए एनएचएआई को पत्र भी लिखा है। मगर एनएचएआई ने इस पर अभी तक कोई पहल नहीं की है। जिससे इन्हीं स्थानों पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। केवल अप्रैल से अभी तक ही 20 लोगों की हादसों में मौत हो चुकी है।

विज्ञापन


नेशनल हाईवे-86 वर्ष 2014 में बना था। ।मुख्यालय से गहबरा चौकी तक जिले की सीमा में कुल करीब 55 किमी दूरी तक हाइवे का फैलाव है। मार्ग का चौड़ीकरण कर इस मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा भी दे दिया गया। मगर सड़क कम चौड़ी व डिवाइडर और फुटपाथ न होने के कारण यह कहीं कहीं अधिक संकरा है।
विज्ञापन


जिससे जिले से निकले हाइवे में आए दिन होने वाली दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों की जाने जा रही है। अब तो लोग इस राष्ट्रीय राजमार्ग को खूनी मार्ग भी कहने लगे है। होने वाली दुर्घटनाओं का आंकलन किया जाए तो इस मार्ग में अधिकांश मौदहा के मकरांव, सुमेरपुर में इंगोहटा के पास व कोतवाली क्षेत्र के चंदौखी मोड़ के पास दुर्घटनाएं अधिक हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इतना ही नहीं उप संभागीय परिवहन विभाग के एआरटीओ मोहम्मद अजीम ने दुर्घटनाओं के मद्देनजर मार्ग का अवलोकन कर दुर्घटना बाहुल्य स्थानों का चिह्नांकन भी किया। एआरटीओ ने बताया कि दुर्घटना बाहुल्य इलाकों पर संकेतक बोर्ड लगाने के लिए एनएचएआई को बीते सप्ताह पत्र  लिखा है। मगर अभी तक एनएचएआई ने इस पर कोई पहल भी नहीं की है।

गौरतलब हो कि इस राष्ट्रीय मार्ग में सड़क का निर्माण कराने वाली पीएनसी कंपनी के दो टोल टैक्स बैरियर सजेती व खन्ना के पास लगे है। इतना होने पर भी कंपनी की एंबुलेंस दुर्घटना से घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए जहमत तक नहीं उठाती है।


हाइवे की देखरेख कर रही पीएनसी के अवर अभियंता एमपी वर्मा ने कहा कि एआरटीओ ने एनएच- 86 पर जिले में तीन प्वांइट दुर्घटना बाहुल्य स्थान निर्धारित किए हैं। कहा कि जिन स्थानों को चिह्नित किया गया है। उनका एनएचएआई की एक्सपर्ट टीम पिछले हफ्ते आकर निरीक्षण कर चुकी है। कहा कि सर्वे रिपोर्ट बनाकर मंत्रालय में सम्मिट करेंगे। आदेश आते दुर्घटनाग्रस्त स्थानों पर बचाव के काम कराए जाएंगे।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed