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काम के दवाब में अध्यापक ने फांसी लगाई
अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 22 Aug 2017 10:51 PM IST
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कंधौली गांव में रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : amar ujala
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पढ़ाई के साथ दूसरे विभागीय कार्य कराए जाने से परेशान शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दे दी। शिक्षक की जेब में सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे दिया है। अभी इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
कंधौली निवासी खलक सिंह (53) पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुंदेला में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। गांव में उनके दो मकान है। एक मकान में वह बच्चों समेत रहते हैं। एक मकान खाली रहता है।
सोमवार की रात खलक सिंह अपने दूसरे मकान पर गए और लुंगी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सुबह उसका शव फंदे से लटका देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को शिक्षक की जेब में सुसाइड नोट मिला। पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण शिक्षण के अलावा अन्य सरकारी काम का बोझ लिखा गया है।
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इसमें लिखा है कि एनपीआरसी के साथ बीएलओ ड्यूटी भी लगा दी गई। अतिरिक्त बोझ कम करने के लिए उच्चाधिकारियों से निवेदन किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा का कहना है कि शिक्षक से विद्यालय संबंधित कार्य लिए जा रहे थे। अतिरिक्त कार्य के बारे में शिक्षक ने लिखित अथवा मौखिक कोई जानकारी नहीं दिया था।
यदि जानकारी होती तो समस्या का समाधान किया जाता। मृतक के भाई सुग्रीव श्रीवास ने बताया कि खलक सिंह विभागीय कार्य की वजह से परेशान रहते थे। दूसरी तरफ ग्रामीणों में चर्चा है कि खलक सिंह के परिवार में अक्सर विवाद होता था, जिससे वह परेशान रहता था। थाना प्रभारी एस करन सिंह का कहना है कि मामले की जांच कर रहे हैं। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कंधौली निवासी खलक सिंह (53) पूर्व माध्यमिक विद्यालय गुंदेला में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। गांव में उनके दो मकान है। एक मकान में वह बच्चों समेत रहते हैं। एक मकान खाली रहता है।
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सोमवार की रात खलक सिंह अपने दूसरे मकान पर गए और लुंगी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सुबह उसका शव फंदे से लटका देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को शिक्षक की जेब में सुसाइड नोट मिला। पुलिस के मुताबिक सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण शिक्षण के अलावा अन्य सरकारी काम का बोझ लिखा गया है।
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इसमें लिखा है कि एनपीआरसी के साथ बीएलओ ड्यूटी भी लगा दी गई। अतिरिक्त बोझ कम करने के लिए उच्चाधिकारियों से निवेदन किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा का कहना है कि शिक्षक से विद्यालय संबंधित कार्य लिए जा रहे थे। अतिरिक्त कार्य के बारे में शिक्षक ने लिखित अथवा मौखिक कोई जानकारी नहीं दिया था।
यदि जानकारी होती तो समस्या का समाधान किया जाता। मृतक के भाई सुग्रीव श्रीवास ने बताया कि खलक सिंह विभागीय कार्य की वजह से परेशान रहते थे। दूसरी तरफ ग्रामीणों में चर्चा है कि खलक सिंह के परिवार में अक्सर विवाद होता था, जिससे वह परेशान रहता था। थाना प्रभारी एस करन सिंह का कहना है कि मामले की जांच कर रहे हैं। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।