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विरमा नदी की तलहटी में बसे गांवों में घुसा पानी, मचाई तबाही
ब्यूरो अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:07 PM IST
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बिहूंनी गांव में घुसा विरमा नदी का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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मौदहा बांध के फाटक खोले जाने से बिरमा नदी में आई बाढ़ से नदी की तलहटी में बसे एक दर्जन से अधिक गांवों में भीषण तबाही मची है। सैकड़ों मकान ध्वस्त होकर जमींदोज हो गए और सैकड़ों एकड़ भूमि में बोई खरीफ की फसलें नष्ट हो गईं हैं। फसल की बर्बादी से किसानों को लाखों रु पये की क्षति होने का अनुमान है।
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ज्ञात हो कि गुरुवार रात को मूसलाधार बारिश हुई तो मौदहा बांध का जलस्तर बढ़ गया। सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों ने बांध की सुरक्षा को दृष्टिगत रख सभी 11 फाटक एक साथ खोल दिए। जिससे बिंहूनी कला, बिहूंनी खुर्द, भैंसाए, मुल्लू पाल का डेरा, चिलहेटा, बनगवां, उपरहका, बिलगांव, शिवनी आदि बिरमा नदी के तलहटी में बसे गांवों में भीषण तबाही मच गई।
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शिवनी गांव में तुलाराम केवट का डेरा, प्यारे केवट के डेरा में आधा सैकड़ा मकान जमींदोज हो गए। चिलहेटा में श्यामलाल, बालकिशुन, मंगल, स्वामीपाल व भगवानदास के घरों में पानी घुसने से घर गृहस्थी का सामान पानी में डूब गया और मकान जमींदोज हो गए। बर्बाद हुए लोगों का कहना है कि बिना सूचना के सिंचाई विभाग ने बांध के सारे फाटक खोलने से सबकुछ बर्बाद हो गया।
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बिलगांव व उपरहका गांव में नदी के रपटे के ऊपर से पानी बढ़ने से आवागमन बाधित हो गया है। वहीं बिहूंनी बस स्टैंड में कमर तक पानी भरने से मुस्करा राठ मार्ग में भी छह घंटे तक आवागमन ठप रहा। बाढ़ पीड़ित गांवों के ग्रामीणों व किसानों ने सिंचाई विभाग से नुकसान की भरपाई कराए जाने की मांग की है।